रिटर्न दाखिल न करने पर मंडल के 1241 कारोबारियों पर 6.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, इनमें से करीब 300 व्यापारी ललितपुर के हैं। 31 अक्तूबर तक दी गई मोहलत के बाद कारोबारियों के ध्यान न देने पर राज्य कर विभाग ने यह कार्रवाई की है। यदि वह जुर्माने के साथ अपना रिटर्न नहीं भरते हैं तो उनका पंजीयन निरस्त किया जाएगा।

कारोबारियों को खरीद-बिक्री और उस पर दिए टैक्स का ब्योरा रिटर्न के रूप में दाखिल करना होता है। हर माह और तिमाही के रूप में कारोबारी इसे संलग्न करते हैं। इस बार मासिक और त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 25 अक्तूबर थी। 19,416 ने मासिक और 12,780 ने त्रैमासिक रिटर्न दाखिल किया। 5,635 ऐसे कारोबारी चिन्हित किए गए, जिन्होंने अंतिम तिथि तक खरीद-बिक्री का ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया। राज्य कर विभाग ने ऐसे व्यापारियों को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से नोटिस दिए और ब्याज सहित 31 अक्तूबर तक जमा करने के निर्देश दिए। इनमें 1241 कारोबारी ऐसे रहे, जिन्होंने इसके बाद भी रिटर्न दाखिल नहीं किया। अब राज्य कर विभाग ने इनके खिलाफ 6.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही निर्देश दिया है कि वे इसे शीघ्र जमा नहीं करते हैं तो खाते से वसूली की जाएगी और पंजीयन निरस्त किया जा सकता है।

समाधान योजना के व्यापारियों ने भी नहीं दिया रिटर्न

समाधान योजना में शामिल 6,800 व्यापारियों में भी 3,255 ऐसे हैं जिन्होंने रिटर्न दाखिल नहीं किया। विभाग ने इन्हें भी नोटिस भेजा है। नोटिस के बाद इनमें कुछ कारोबारियों ने रिटर्न जमा कर दिया था, लेकिन कई ऐसे रहे जिन्होंने नोटिस के बाद भी जमा नहीं किया। अब उनके खिलाफ भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है।

200 व्यापारी कभी भी समय पर नहीं करते रिटर्न फाइल

रिटर्न दाखिल न करने वालों में 200 करीब व्यापारी ऐसे हैं, जो नियमित रूप से रिटर्न फाइल नहीं करते। ऐसे व्यापारियों को भी विभाग चिन्हित कर रहा है। इनको नोटिस दिए जाने के बाद इन पर जुर्माना और पंजीयन निलंबन की कार्रवाई की बात कही गई है।

प्रत्येक व्यापारी पर 50 हजार तक वसूला जाएगा जुर्माना

जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में पहले देरी पर मामूली जुर्माना यानी कि 2-3 हजार रुपये ही जमा करना होता था। अब इसमें बदलाव करते हुए 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अब व्यापारियों से विलंब शुल्क और 18 प्रतिशत ब्याज के साथ जुर्माना वसूला जाएगा।

झांसी राज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 डीके सचान ने बताया कि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में कुछ व्यापारी लापरवाही बरत रहे हैं। सितंबर के रिटर्न 25 अक्तूबर तक जमा होने थे, लेकिन 1241 व्यापारियों ने जमा नहीं किए। अब उन पर 18 प्रतिशत ब्याज के साथ 50 हजार रुपये तक जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

 



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