2027 तक झांसी में 37 हजार आवासीय इकाइयां बनेंगी। महायोजना-2031 की मंजूरी के बाद झांसी विकास प्राधिकरण ने पिछले करीब छह महीने में 131 नक्शे पास किए हैं। इसमें एक इंटीग्रेटिड टाउनशिप, तीन ग्रुप हाउसिंग और पांच ले-आउट शामिल हैं। ये सभी आवासीय इकाइयां लगभग 400 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होंगी।
नई महायोजना को शासन ने 26 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी। महायोजना-2021 में जेडीए क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र 4637.21 हेक्टेयर था। महायोजना-2031 में आवासीय उपयोग के तहत 8703.77 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। ऐसे में आवासीय क्षेत्र में 4066 हेक्टेयर का इजाफा हुआ है। दो लाख आवासीय यूनिट तैयार होने की संभावना है।
नई महायोजना को मंजूरी के बाद ही झांसी विकास प्राधिकरण के पास नक्शे के आवेदनों की संख्या में भी इजाफा हो गया। जेडीए उपाध्यक्ष आलोक यादव ने बताया कि बूढ़ा में 250 एकड़ में बनने वाली इंटीग्रेटिड टाउनशिप को मंजूरी दी गई है। यहां करीब 15 हजार आवासीय इकाइयां बनेंगी। इसके अलावा, ग्वालियर रोड सिद्धेश्वर मंदिर के पास, कानपुर-झांसी बाइपास और मैरी में एक-एक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के भी नक्शे पास किए गए हैं। वहीं, पांच ले-आउट भी मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा एकल आवासीय के भी 122 नक्शे पास हुए हैं।
जेडीए को हुई 50 करोड़ आय, पिछले साल से दोगुना भरी तिजोरी
नई महायोजना के बाद धड़ाधड़ नक्शे पास होने से जेडीए को भी 50 करोड़ रुपये आय हुई है। नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया गया कि नक्श पास कराने पर 1200 प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जेडीए में विकास शुल्क जमा करना पड़ता है। पिछले साल तक करीब 25 करोड़ रुपये सालाना आय नक्शे पास करने से होती थी।
नई झांसी: दूसरे चरण का भी जल्द शुरू होगा पंजीकरण
जेडीए भी रुंदकरारी में नई झांसी विकसित कर रहा है। पहले चरण में 111 एकड़ में 1109 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। अब दूसरे चरण के लिए भी जल्द पंजीकरण शुरू किया जाएगा। इसके लिए सिर्फ एक काश्तकार से बैनामा कराना बाकी रह गया है, जिससे जेडीए लगभग 10 एकड़ भूमि क्रय करेगा।
