मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर तैनात 450 कर्मियों के परिवार में होली के रंग फीके रहेंगे। इसकी वजह दो माह के रुके मानदेय की जगह सिर्फ पांच हजार रुपये मिलना है।
मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर करीब 450 नर्सिंग कर्मी, वार्ड बॉय, टेक्नीशियन, सोशल वर्कर आदि काम करते हैं। इन कर्मियों को कभी भी नियमित मानदेय नहीं मिलता। सूत्र बताते हैं कि इन कर्मियों ने जनवरी में प्राचार्य से मानदेय नियमित दिलवाने का अनुरोध किया था। प्राचार्य ने कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर हिदायत दी थी कि हर माह की सात तारीख को मानदेय नहीं देने पर 18 फीसदी जुर्माना लगेगा। लेकिन कार्यदायी संस्था ने प्राचार्य के आदेश को हवा में उड़ा दिया। यही नहीं, विगत दिनों मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि हर हाल में 28 फरवरी तक प्रत्येक कर्मी को मानदेय मिल जाना चाहिए। लेकिन इन 450 कर्मियों को दो माह का मानदेय देने के बजाय सिर्फ पांच-पांच हजार रुपये थमा दिए गए। परेशान कर्मियों का कहना है कि इससे उनकी होली का रंग बदरंग हो गया है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. शिव कुमार और उप-प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह से बात करने का प्रयास किया गया मगर उन्होंने बात नहीं की।
