कलक्ट्रेट के नवीन सभागार में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को लेकर बैठक हुई। समीक्षा में सामने आया कि पिछले अभियान में निजी स्कूलों में 67 प्रतिशत बच्चों को ही दवा खिलाई गई। डीएम ने इस साल शत-प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाने के निर्देश दिए।
डीएम मृदुल चौधरी ने निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों से कहा कि यदि निजी स्कूलों में बच्चों को पेट में कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल नहीं खिलाई जाती है तो मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि 10 फरवरी से एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। जनपद में 9.33 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। निर्देश दिए कि दवाओं का समय से वितरण किया जाए। दवा स्कूल में ही खिलाई जाए, उनके अभिभावकों को किसी भी दशा में दवा न दी जाए। घुमंतू परिवार के बच्चों समेत क्रशर और निर्माण साइट पर रह रहे परिवार के बच्चों पर भी फोकस कर दवा खिलाएं। जिस क्षेत्र में कम बच्चों को दवा खिलाई गई, वहां अधिक फोकस करते हुए एमओआईसी खुद बच्चों को दवा खिलाएं। डीएम ने टीबी मरीजों को पोषण पोटली भी बांटी। इस दौरान सीडीओ जुनैद अहमद, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, डीआईओएस रती वर्मा, एसीएमओ डॉ. एनके जैन, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूएन सिंह, डॉ. अंशुमान तिवारी मौजूद रहे।
