नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाले 70 हजार लोगों ने मौजूदा वित्तीय वर्ष का गृहकर अब तक जमा नहीं किया है। जो गृहकरदाता वित्तीय वर्ष 2025-26 का गृहकर जमा नहीं करते हैं, उन्हें एक अप्रैल से 12 फीसदी ब्याज देना होगा।
नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाले 70 हजार लोगों ने मौजूदा वित्तीय वर्ष का गृहकर अब तक जमा नहीं किया है। जो गृहकरदाता वित्तीय वर्ष 2025-26 का गृहकर जमा नहीं करते हैं, उन्हें एक अप्रैल से 12 फीसदी ब्याज देना होगा।
जीआईएस सर्वे के बाद महानगर की सीमा में गृहकर के दायरे में आने वाले भवनों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। आंकड़ों को देखें तो 2024 तक नगर निगम 1.12 लाख भवनों से गृहकर वसूलता था लेकिन जीआईएस सर्वे के बाद अब 2.25 लाख भवनों से गृहकर लिया जाना है। हालांकि, इनमें लगभग 65 हजार भूखंड स्वामी हैं, जिनका पता नगर निगम को नहीं चला है। ऐसे में इन्हें निगम प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी नहीं किया जा सका है। शेष 1.60 लाख भवन स्वामियों को निगम प्रशासन ने गृहकर जमा करने का नोटिस भेजा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष का गृहकर जमा करने के लिए गृहकरदाताओं के पास 31 मार्च तक का मौका है। उसके बाद 12 फीसदी ब्याज लगने लगेगा।
अब तक 28 करोड़ गृहकर हुआ जमा
नगर निगम में मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 28 करोड़ रुपये गृहकर जमा हो चुका है। कर विभाग को करीब 42 करोड़ रुपये गृहकर जमा करने का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य पूरा करने के लिए सिर्फ तीन हफ्ते का समय बचा है।