महायोजना-2031 की मंजूरी के बाद झांसी के आवासीय क्षेत्र में 88 फीसदी का इजाफा हो गया है। आने वाले दस वर्षों में यहां दो लाख से ज्यादा मकान बन सकेंगे। कई नई टाउनशिप विकसित होने की भी संभावना है। ऐसे में झांसीवासियों की आवास की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।

महायोजना-2021 में झांसी विकास क्षेत्र 322.36 वर्ग किलोमीटर था, जो जनवरी 2004 से प्रभावी था। वर्ष 2023 में बीडा का गठन होने के बाद झांसी विकास क्षेत्र का क्षेत्रफल 505.53 वर्ग किलोमीटर हो गया। 75 राजस्व गांव इसमें शामिल किए गए। नई महायोजना में जेडीए क्षेत्र में आवासीय उपयोग के तहत 8703.77 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। जबकि, महायोजना 2021 में ये 4637.21 हेक्टेयर था। जेडीए के अधिकारियों ने बताया कि प्रति एकड़ आवासीय कॉलोनी विकसित करने पर सड़क, पार्क, सामुदायिक स्थान आदि करने पर लगभग 30 से 40 फीसदी जमीन इस्तेमाल हो जाती है। बची हुई 60 से 70 फीसदी भूमि पर अलग-अलग आकार के औसतन 20 मकान आसानी से बन जाते हैं। इस तरह आवासीय क्षेत्र के लिए जो 4066 हेक्टेयर (10165 एकड़) भूमि में इजाफा हुआ है, उसमें दो लाख से ज्यादा मकान बनने की संभावना है।

नई महायोजना में तीन आवासीय क्षेत्र भी प्रस्तावित किए गए हैं। झांसी से ललितपुर मार्ग, शिवपुरी मार्ग, मेडिकल चौराहा से कानपुर मार्ग और बरुआसागर की ओर का मार्ग इसमें शामिल है। आने वाले समय में इन इलाकों में भी नई आवासीय कॉलोनियां विकसित होनी तय हैं।

236 हेक्टेयर भूमि पर अब पास होने लगे नक्शे

खंडीय पार्क में दर्ज नयागांव, बूढ़ा, पिछोर, तालपुरा और डड़ियापुरा क्षेत्र में 136.85 हेक्टेयर और नारायण बाग से लगी 100.42 हेक्टेयर भूमि और भानी देवी गोयल के पीछे आवासीय भू-उपयोग के लिए स्वीकृति मिल गई है। अब यहां पर कई भवनों के लोगों ने नक्शे पास करवाने भी शुरू कर दिए हैं। दूसरी तरफ प्रखंडीय पार्क की भूमि पर बने चार हजार से ज्यादा मकानों पर भी कार्रवाई का खतरा टल गया है।

महायोजना-2031 में आवासीय क्षेत्र का दायरा 4066 हेक्टेयर बढ़ गया है। ऐसे में जेडीए क्षेत्र की अनुमानित 11.68 लाख जनसंख्या की आवासीय जरूरत पूरी हो सकेगी। दो लाख से ज्यादा मकान बनने की संभावना है। – आलोक यादव, उपाध्यक्ष, जेडीए।



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