अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी की जन्मतिथि को लेकर जल्द ही निर्णय हो सकता है। 1618 के दिसंबर माह की कोई तारीख झांसी की जन्मतिथि हो सकती है। इतिहासकार और साहित्यकार ने इतिहास से जुड़ी चार तिथियों का उल्लेख करके झांसी की जन्मतिथि घोषित करने सुझाव दिया है। इसमें सबसे पुरानी 1618 की घटना बताई गई है।
लंबे समय से झांसी की जन्मतिथि तय करने को लेकर कवायद चल रही है। लगभग दो साल पहले नगर निगम प्रशासन ने झांसी की जन्मतिथि घोषित करने को लेकर समिति का गठन किया था। इस संबंध में समिति के सदस्यों ने नगर निगम प्रशासन को सुझाव भी दिए हैं। अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता ने बताया कि एक सदस्य ने ओरछा गजेटियर का हवाला देते हुए सुझाव दिया कि दिसंबर 1618 में ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने कहा था कि कुछ झाईं सी दिख रही है। तिथि की जानकारी करके इसे झांसी की जन्मतिथि घोषित की जा सकती है।
वहीं, एक सदस्य ने सुझाव दिया कि मुगल शासक मुहम्मद खान बंगश को हराने के लिए महाराज छत्रसाल ने शिवाजी महाराज से मदद मांगी थी। शिवाजी महाराज ने पेशवा बाजीराव प्रथम को सेना के साथ महाराजा छात्रसाल की मदद के लिए भेजा था। फिर 20 मार्च 1729 को मुगल शासक को हराकर क्षेत्र को कब्जे से मुक्त कराया गया था। इसलिए इस तारीख को भी झांसी की जन्मतिथि तय करने की बात कही गई है।
ये भी सुझाव आया है कि 18 नवंबर 1817 को नया नगर नवाबाद की स्थापना हुई थी। चार जून 1857 को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों से झांसी को मुक्त कराया था। ऐसे में ये तिथियां भी झांसी की जन्मतिथि हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही कमेटी की बैठक होगी। इसमें तिथि फाइनल कर दी जाएगी।
…फिर हर साल मनेगा जन्मोत्सव
एक बार झांसी की जन्मतिथि तय होते ही हर साल जन्मोत्सव मनाया जाएगा। चूंकि, शासन की ओर से निर्देश जारी हुए थे। ऐसे में आमजन के साथ-साथ सरकारी विभाग भी जन्मोत्सव कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।
