
होटल का स्टाफ सामान लेकर रोड पर चलता हुआ।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जेपीएनआईसी न जा सकें, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार सुबह से गोमतीनगर इलाके में यातायात परिवर्तित किया था। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी मुस्तैद थे। डायवर्जन से राहगीर परेशान हुए। पुलिस किसी को भी प्रतिबंधित मार्ग की ओर नहीं जाने दे रही थी। इसकी वजह से होटल ताज में ठहरे लोगों को भी समस्या हुई। यात्रियों को पैदल ही होटल से सामान लेकर निकलना पड़ा।
सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आए यात्रियों को हुई। होटल में ठहरे लोग टैक्सी और ऑटो से समतामूलक चौराहे पर पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने रोक लिया। यात्रियों ने बताया कि उनकी बुकिंग है और वे होटल जा रहे हैं, लेकिन उन्हें वाहन से आगे नहीं जाने दिया गया। यात्रियों के निवेदन पर उन्हें पैदल जाने की अनुमति दी गई। वहीं, होटल से चेक आउट करने वाले यात्रियों के साथ भी यही समस्या आई। यात्री पैदल ही सामान लेकर मुख्य मार्ग तक आए।
जेपीएनआईसी के एक किमी के दायरे में पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात में ही बैरिकेडिंग करवा दी थी। राहगीर घर से निकले तो उन्हें जगह-जगह रोका गया और दूसरे मार्ग से जाने के लिए कहा गया। इसकी वजह से राहगीरों को लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
1090 चौराहा से गांधी सेतु, सामाजिक परिवर्तन स्थल चौराहा के रास्ते गोमती नगर जाने वाले यातायात को 1090 से उद्यान चौराहा की ओर नहीं जाने दिया गया। लोगों को 1090 चौराहा से समता मूलक, डिगडिगा (लोहिया पार्क) चौराहा से उद्यान चौराहा होकर जाना पड़ा। पुलिस ने उद्यान चौराहा से 1090 के बीच आवागमन प्रतिबंधित कर दिया था। यही नहीं, सामाजिक परिवर्तन स्थल चौराहे की तरफ एवं मरीन ड्राइव की ओर भी आवागमन बंद था। सामाजिक परिवर्तन से उद्यान चौराहा वाया सामाजिक परिवर्तन स्थल ढाल, ताज अंडरपास के दोनों साइड से उद्यान चौराहे की तरफ भी किसी तरह के यातायात को आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई।
