Kannauj: recognition of madrasas of father-son involved in the digital arrest gang will be cancelled

आरोपी पिता-पुत्र
– फोटो : अमर उजाला

लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले पिता-पुत्र के दोनों मरदसों फलाह दारैन साबिरी और निस्बाह की मान्यता रद्द होगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जांच के बाद रिपोर्ट मदरसा बोर्ड को भेज दी है। दोनों आरोपियों को मध्य प्रदेश की इंदौर पुलिस ने बीते शनिवार को गिरफ्तार किया था। आरोपी मदरसों के खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करा रहे थे।

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तिर्वा क्षेत्र के ग्राम सतौरा में फलाह दारैन साबिरी मदरसा समिति व मदरसा निस्बाह फलाह दारैन साबिरी संचालित हैं। दोनों मदरसों में बालक-बालिकाओं की अलग-अलग व्यवस्था है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जितेंद्र कुमार ने दोनों मदरसों की मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि मदरसों के खाते प्राइवेट बैंकों में खोले गए हैं। जबकि, मदरसा शिक्षा परिषद की तरफ से केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही खाते खोलने का नियम है।

फलाह दारैन साबिरी मदरसा समिति के उपाध्यक्ष असद अहमद खान ने नियम विरुद्ध तरीके से आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाया। इसी खाते में डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की रकम ट्रांसफर कराई गई, ताकि बैंक को पता चले कि इसमें चंदे की रकम आ रही है। अध्यक्ष अली अहमद खान व उसके बेटे असद अहमद खान को साइबर ठगी के मामले में इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि मदरसों के खातों में जितनी भी रकम आती थी, उसमें से 50 प्रतिशत साइबर ठगों को दी जाती थी। 11 सितंबर के बाद से इस खातेे में नौ लोगों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। इसमें इंदौर की एक महिला से 46 लाख रुपये तो नासिक की एक महिला से 23 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए थे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि दोनों मदरसों की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को भेज दी गई है। इन मदरसों के बच्चों के अन्य मदरसों में स्थानांतरित किया जाएगा।

डिजिटल शादी कार्ड खोलना भी हो सकता घातक

इस समय लोग शादी समारोह व अन्य आयोजनों के डिजिटल निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के मोबाइल पर भेज देते हैं। इसमें एक लिंक दिया जाता है, जिसे खोलते ही मोबाइल हैक हो जाता है। गूगल पासवर्ड मैनेजर से सभी पासवर्ड निकाल कर साइबर ठग बैंक खाते को खाली कर देते हैं। सीओ साइबर क्राइम मनोज कुमार सिंह का कहना है सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर किसी अनजाने लिंक को नहीं खोलना चाहिए।



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