दिल्ली के कश्मीरी गेट पर 22 सितंबर की रात में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दो बांग्लादेशी संदिग्धों को पकड़ा था। इन लोगों से मिली जानकारी पर दिल्ली एसटीएफ ने शनिवार को शहर के शेखपुरा में दबिश दी और सात संदिग्धों को लेकर दिल्ली चली गई। यह लोग 15 वर्षों से खाली पड़ी जमीन पर झोपड़ी बनाकर रह रहे थे।

शहर के मोहल्ला शेखपुरा में करीब 15 साल से कुछ लोग खाली पड़ी जमीन पर झोपड़ी डालकर रह रहे थे। इन लोगों का पुलिस ने सत्यापन भी करा लिया था, जिसमें इन लोगों के पास से पश्चिम बंगाल की आईडी मिली थी। भारत के नागरिक होने पर पुलिस ने सत्यापन के बाद इन्हें छोड़ दिया था। 22 सितंबर की रात दिल्ली एसटीएफ ने कश्मीरी गेट के पास से कुछ बांग्लादेशियों को पकड़ा था। उन लोगों ने अपने साथियों के कन्नौज के मोहल्ला शेखपुरा में भी रहने की जानकारी दी थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शेखपुरा से सात संदिग्धों को पकड़ा। कन्नौज पुलिस इसकी भनक तक को नहीं लगी। जानकारी के बाद शनिवार दोपहर सदर कोतवाली पुलिस ने शेखपुरा क्षेत्र से करीब छह संदिग्धों को पकड़ा है और पूछताछ कर रही है। पुलिस अब उनके दस्तावेजों की गहन जांच-पड़ताल कर रही है, जिससे यह पुष्टि हो सके कि यह लोग बांग्लादेश के रहने वाले हैं या नहीं। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि 23 सितंबर को दिल्ली पुलिस की एसटीएफ ने शेखपुरा में दबिश दी थी और सात संदिग्धों को अपने साथ ले गई। कन्नौज पुलिस पूरे मामले की गहनता के साथ जांच कर रही है।

दस्तावेजों की हो रही गहन जांच

एसपी ने बताया कि संदिग्धों का सत्यापन किया जा रहा है। यह जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह लोग बांग्लादेशी हैं या नहीं। फिलहाल, संदिग्धों के पहचान पत्र, निवास सहित अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

आसपास के जिलों में फैले हैं परिवार के सदस्य

दिल्ली पुलिस की एसटीएफ टीम की शेखपुरा इलाके में छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब 15 साल पहले यह लोग क्षेत्र में आकर बसे थे। इनके रिश्तेदार व परिवार के अन्य सदस्य आसपास के जिलों में भी फैले हुए हैं। पुलिस अब इन सभी की तलाश में जुटी है। सभी संदिग्धों का सत्यापन किया जा रहा है और उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गंभीरता से हर बिंदु पर जांच कर रही है।



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