डिलीवरी बॉय के बैंक खाते में पिछले नौ माह में 1.30 अरब रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। यह ट्रांजेक्शन उसके दो परिचित युवकों ने किया जिन्होंने उसका बैंक खाता नौ हजार रुपये प्रतिमाह में किराये पर ले रखा था। डिलीवरी बॉय को किराये से दोगुनी रकम मिली तो उसे शक हुआ। इस पर उसने स्वरूपनगर थाने में दोनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा तो साइबर ठगी का मामला सामने आया। पकड़े गए युवक बेकनगंज निवासी मो. अमान और चमनगंज निवासी मो. वसीउद्दीन उर्फ सरताज हैं।
बेकनगंज के पेचबाग निवासी ओवेस कुछ साल पहले तक फलों का व्यापार करते थे। उन्होंने बैंक में फर्म का चालू खाता भी खुलवाया था। बाद में घाटा होने पर व्यापार बंद कर डिलीवरी बॉय की नौकरी करने लगे। बेकनगंज निवासी मो. अमान और चमनगंज निवासी मो. वसीउद्दीन उर्फ सरताज उनके परिचित हैं। इन लोगों ने स्क्रैप कारोबार में रुपयों के लेनदेन की बात कह खाते को 9000 रुपये में किराये पर ले लिया। इसके बाद डेबिट कार्ड से लेकर चेकबुक तक अपने पास रख ली।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित को आरोपियों ने किराये में दोगुनी रकम दे दी। इस पर उसे शक हुआ बैंक जाकर जानकारी की तो खाते में करोड़ाें रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली। इसके बाद स्वरूपनगर थाने में दोनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद डपकेश्वर धाम के पास से दोनों युवकों को पकड़ा गया। आरोपियों में वसीउद्दीन उर्फ सरताज बीए पास है जबकि अमान बीकाॅम अंतिम वर्ष का छात्र है। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने पिछले नौ माह में उसके खाते से 1.30 अरब रुपये का लेनदेन किया है।