दुबई की सैर करा, लुभावने ऑफर और निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर कई शहरों के लोगों से लगभग 80 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम ब्रांच ने रायपुरवा निवासी शैलेंद्र कुमार की तहरीर पर कंपनी मालिक पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के बबलू मंडल और उसकी पत्नी सर्वमनी मंडल पर धोखाधड़ी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। रिपोर्ट में निवेश करने वाले कानपुर के 30 से अधिक, जबकि हरियाणा, पंजाब, कोलकाता के मिलाकर 50 से ज्यादा लोगों की डिटेल है। साइबर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है।

शैलेंद्र कुमार की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक दो वर्ष पहले उनके मित्र नीतिश कुमार और अमित श्रीवास्तव ने उन्हें इनवेस्टमेंट कंपनी का प्लान बताया जो कि फोरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग करती है। उन्हें बताया गया है कि कंपनी पांच से छह प्रतिशत मासिक रिटर्न देती है। मई 2024 में गोविंदनगर के होटल दीप में मीटिंग का आयोजन हुआ, जिसमें कोलकाता से आए शंता कुमार दास और विधायक चक्रवर्ती ने कंपनी के प्लान की जानकारी दी। मीटिंग में बताया गया कि कंपनी का नटवर्क कई शहरों में है। इसकी ब्रांच ऑफिस कोलकाता के सॉल्ट लेक और मुख्य कार्यालय दुबई में है।

कंपनी के मालिक बबलू मंडल उर्फ राजन मंडल हैं, जबकि पूरा कारोबार उनकी पत्नी सर्वमनी मंडल देखती हैं। दोनों ने मिलकर अरबों रुपये की कंपनी खड़ी की है। मीटिंग के बाद कई लोगों ने निवेश किया, जिसपर उन्हें हर महीने मुनाफा मिलने लगा। 15 फरवरी 2025 को कंपनी की ओर से निवेशकों को टिकट और वीजा देकर दुबई बुलाया गया। कहा गया कि कंपनी की पांचवीं वर्षगांठ है। शैलेंद्र कुमार के मुताबिक कानपुर और अन्य शहरों से कई लोग दुबई पहुंचे। वहां के ऑफिस में एमटीईई-9 के नाम से नया प्लान लांच किया, जिसकी वेबसाइट और पोर्टल की जानकारी दी गई। उस टूर और वहां की चकाचौंध देखकर निवेशकों ने और प्लान में रकम लगा दी।

प्रार्थी ने करीब 20 लाख का निवेश किया। कुछ दिनों बाद बबलू मंडल और उसकी पत्नी ने फोन उठाना बंद कर दिया। कोलकाता स्थित कार्यालय जाकर पता किया। शांता कुमार दास और विधायक चक्रवर्ती से मुलाकात की, जिस पर बताया गया कि कंपनी का कार्यालय दुबई में शिफ्ट हो गया है। आरोपियों ने कोलकाता समेत कई शहरों के लोगाें से करोड़ाें रुपये ठगे हैं। एक पीड़ित ने कोलकाता में आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर की जानकारी दी। साइबर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतीश चंद्र यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है। एक टीम जल्द ही कोलकाता के लिए रवाना होगी। आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल मांगी गई है। प्रारंभिक जांच में फर्जी कंपनी बनाकर ठगी करने की जानकारी हुई है।



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