साइबर क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह संदेश ऐप से पाकिस्तानी आईपी पते के सहारे वारदातों को अंजाम देता था। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के प्रतिबिंब पोर्टल पर कानपुर के एक मोबाइल नंबर के कई जगह हुई वारदात में इस्तेमाल होने की जानकारी आ रही थी।
आरोपी स्वयं को कस्टम अधिकारी या पुलिस अफसर बताकर लोगों को ठगते थे। ठगी के लिए एक बंद मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जा रहा था। टेलीकॉम कंपनी इस नंबर को कानपुर में अपने सेवा प्रदाता कंप्यूटर पर उपयोग कर रही थी। इसी कारण कानपुर शहर ठगी का प्रमुख केंद्र बन रहा था। पकड़े गए लोगों में बहराइच के कमलेश कुमार गौतम, विकास गौतम, लखीमपुर खीरी की राखी मिश्रा और दीपक शर्मा हैं। आरोपी पाकिस्तान के इस्लामाबाद की आईपी पते से ठगी करते थे। बंद नंबर का संदेश एप चला रहे थे जिस पर पुलिस की प्रोफाइल तस्वीर थी। सेवा प्रदाता कंप्यूटर पर उपयोग होने से कोई अलर्ट संदेश नहीं आता था। आरोपियों के पास से मोबाइल, दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुए हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
