नए साल के पहले दिन गुरुवार को भी कोहरे का असर ट्रेनों और बसों के संचालन पर दिखा। प्रीमियम ट्रेन तेजस एक्सप्रेस दस घंटे देरी से कानपुर सेंट्रल आकर लखनऊ गई। वहीं करीब 42 ट्रेनें 19 घंटे तक देरी से आईं। लेटलतीफी से परेशान करीब 1237 यात्रियों ने टिकट लौटाए। प्लेटफार्मों से लेकर पूछताछ काउंटरों तक यात्रियों की भीड़ लगी रही।
गुरुवार को 82501 लखनऊ-नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस 10 घंटे, 12282 भुवनेश्वर दुरंतो 10:30 घंटे, 02563 बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल 19 घंटे, 02563 नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल छह, 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल 06:30 घंटे, 20413 काशी महाकाल एक्सप्रेस आठ, 04120 एलटीटी-प्रयागराज स्पेशल 09:30 घंटे लेट रही। वहीं 12314 सियालदह राजधानी सात, 22435 वाराणसी वंदे भारत 03:30 घंटे, 12034 कानपुर शताब्दी सवा दो घंटे, 12310 राजेंद्र नगर राजधानी चार और 12566 बिहार संपर्क क्रांति छह घंटे देरी से आई। 37 यात्रियों ने कंफर्म टिकट के स्थान पर कनेक्टिंग रिजर्वेशन की वजह से दूसरी ट्रेनों में सफर किया।
यात्री न होने से 14 रोडवेज बसें निरस्त
कोहरे का असर झकरकटी बस अड्डे पर भी दिखा। सुबह पांच से दस बजे तक पांच घंटे में न के बराबर यात्री पहुंचे। इस कारण आगरा, दिल्ली, बुंदेलखंड व पूर्वांचल रूटों की 14 बसें यात्री न होने से निरस्त की गई। पांच घंटे में सिर्फ सात बसें ही सवारियां लेकर लखनऊ, प्रयागराज, दिल्ली व आगरा जैसे अन्य रूटों पर गईं।
