महिला कारोबारी से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हुई 1.80 करोड़ रुपये की ठगी की रकम 1800 बैंक खातों में भेजी गई है। साइबर क्राइम ब्रांच ने खातों को खंगालना शुरू कर दिया है। यह राशि 14 से 15 लेयर में ट्रांसफर हुई है, जिसकी कड़ियां जोड़कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कारोबारी से संपर्क करने वाले शातिर का वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) कंबोडिया का मिला है, जिसकी और जानकारी के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर से सहयोग लिया जा रहा है।
कल्याणपुर के इंद्रानगर निवासी महिला कारोबारी के पास कुछ माह पहले सोशल मीडिया अकाउंट में शेयर ट्रेडिंग का मैसेज आया। उसमें निवेश कर अच्छे खासे मुनाफे की जानकारी थी। महिला कारोबारी ने मैसेज को जैसे ही देखा। उनके मोबाइल पर एक लिंक आया। उस लिंक को खोलते ही साइबर अपराधियों ने उन्हें एक ग्रुप में जोड़ लिया। उनके पास मैसेज आने लगे। उन्होंने कुछ राशि निवेश की, जिसके बाद साइबर अपराधियों ने उसका मुनाफा दिखाया।
महिला कारोबारी ने तीन महीने में और राशि लगा दी। दिसंबर 2025 में उन्होंने रुपये निकालने चाहे, लेकिन रकम नहीं निकली। साइबर अपराधियों ने रकम का 40 फीसदी और जमा करने की बात कही। महिला कारोबारी ने ठगी का अहसास होने पर साइबर क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर कराई। साइबर क्राइम ब्रांच थाने के प्रभारी सतीश चंद्र यादव ने बताया कि महिला के खाते को देशभर के करीब 1800 बैंक खातों में भेजा गया है। यह राशि 14 से 15 लेयर में भेजी गई है, जिसकी चेन कई बार टूटी है। इन चेन को जोड़कर जांच की जा रही है। इन खातों में 250 रुपये से लेकर एक लाख तक की राशि भेजी गई है। कुछ खाते म्यूल भी होने की संभावना है। महिला कारोबारी से संपर्क करने वाले शातिर के मोबाइल का वीपीएन नंबर कंबोडिया का निकला है। इसकी जांच कराई जा रही है।