बिठूर में संचालित राजा नर्सिंग होम में एनआईसीयू अवैध रूप से संचालित हो रहा था। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करते हुए कोई भी चिकित्सकीय गतिविधियां न करने की चेतावनी दी। एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि राजा नर्सिंग होम का पंजीकरण था, लेकिन संचालक ने एनआईसीयू संचालित होने की सूचना नहीं दी थी। एनआईसीयू के लिए अस्पताल में प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टाफ की भर्ती के साथ ही चिकित्सकीय उपकरण की भी आवश्यकता होती है।

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अस्पताल का लाइसेंस लेते समय अगर किसी को एनआईसीयू शुरू करना होता है तो उसकी जानकारी के लिए अलग फॉर्म भरना पड़ता है और उसी के अनुसार स्टाफ की भर्ती होती है। अगर कोई बाद में शुरू करना चाहता है तो स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराना होता है और उसका दोबारा पंजीकरण होता है। राजा नर्सिंग होम के संचालक ने सूचना नहीं दी और एक नवजात की जान चली गई।



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