सीपी ने बताया कि ठगी के शिकार लोगों में 90 फीसदी भारतीय हैं जबकि अन्य 10 फीसदी लोगों में नेपाल, वियतनाम, चाइना, जापान, अमेरिका और फ्रांस के लोग शामिल हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार कई जापानी कंपनियों ने ज्यादा लाभ पाने के चक्कर में शातिर की ब्लूचिप कंपनी में अपना निवेश किया। जापानियों समेत अन्य विदेशियों को अपने व्यापार की चकाचौंध में फंसाने के लिए वह हमेशा बड़े और नामी होटल में पार्टी करता था। उसने अपना कार्यालय दुबई में बुर्ज खलीफा के पास बनाया जहां अधिकांश अरबपतियों के ही ऑफिस हैं।

दुबई पुलिस को चकमा देकर भाग निकला

करोड़ों की ठगी के मामले में कानपुर पुलिस के शिकंजे में फंसे महाठग रविंद्रनाथ सोनी के बारे में दुबई पुलिस को अब तक कोई जानकारी नहीं है। पुलिस के अनुसार वहां के पीड़ितों ने जब दुबई पुलिस से मामले की शिकायत की तो उन्हें दिलासा दिया गया कि परेशान न हों वह देश से बाहर नहीं जा पाएगा। जब लोगों ने उसके कानपुर में गिरफ्तार होने की बात कही तो दुबई पुलिस को यकीन नहीं हुआ। ऐसा इसलिए कि आरोपी ने दुबई से भारत आने के लिए वहां से फ्लाइट नहीं ली थी। कानपुर पुलिस को आरोपी ने बताया है कि वह अगस्त माह में चोरी छिपे दुबई से रेगिस्तान के रास्ते ओमान में दाखिल हो गया था। वहां से फ्लाइट पकड़कर भारत आया।

सात साल से सक्रिय है महाठग रविंद्र

सीपी ने बताया कि अब तक की जांच में आरोपी रविंद्रनाथ सोनी की बनाई 16 कंपनियां सामने आई हैं। इनके प्रमोटर अलग-अलग हैं। इनमें से एक कंपनी ब्लूचिप कॉमर्शियल ब्रोकर वर्ष 2018 से सक्रिय है। इसका प्रमोटर खुद रविंद्रनाथ है। इसके अलावा वह ब्लूचिप फ्री होल्ड रियल इस्टेट ब्रोकर्स, वॉल स्ट्रीट इंवेस्टमेंट एलएलसी, ब्लूचिप फाइनेंसशियल मार्केट लिमिटेड ब्रांच, ब्लूचिप इंवेस्टमेंट एलएलसी शामिल हैं। उसने कंपनियों के माध्यम से रियल स्टेट से लेकर गोल्ड माइनिंग तक का कारोबार करने का झांसा देकर लोगों को फंसाया था। इसके साथी प्रमोटर गुरमीत, हितेश, धरवेश, अभिषेक सिंघल, सुरेंद्र मधुकराव दुधवाडकर, रितु परिहार व दो अन्य के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

ठग के साथी को ढूंढ रही है हर मुल्क की पुलिस

सीपी ने बताया कि रविंद्रनाथ के साथी भी उसकी तरह ही बेहद शातिर हैं। उसके एक साथी सुरेंद्रनाथ दास को हर मुल्क की पुलिस ढूंढ रही है। उसके खिलाफ ऐसे ही एक ठगी के मामले में इंटरनेशनल वारंट जारी है। इसके बाद से वह भूमिगत है। इसके अलावा केरला निवासी जार्ज रविंद्र का सबसे करीबी सलाहकार है। पुलिस उसके बारे में पता लगा रही है। अंदेशा है कि वह आरोपी के ठगी से जुड़े सारे मामलों में पासवर्ड जानता है।

एडीसीपी के नेतृत्व में एसआईटी करेगी जांच

करीब 1500 करोड़ की ठगी के फैलते जाल को देखते हुए अब इसकी जांच एसआईटी करेगी। रविवार को सीपी ने एसआईटी के गठन के आदेश दिए हैं। इसका नेतृत्व एडीसीपी क्राइम अंजली विश्वकर्मा करेंगी। इसमें उनके समेत छह लोग होंगे। अब तक की जांच में 16 कंपनियां मिलीं हैं। साथ ही आरोपी, उसके परिवार, प्रमोटरों के निजी बैंक खातों व क्रिप्टो से जुड़ी अहम जानकारी जुटाना विवेचक के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में एसआईटी के सदस्य मिलकर इस काम को तय समय में पूरा कर सकेंगे।

महाठग ने बार गर्ल से की थी दूसरी शादी

पुलिस जांच में सामने आया है कि रविंद्रनाथ ने पहली पत्नी स्वाति को छोड़ने के बाद बार गर्ल हिमानी से दूसरी शादी की। जब बेटी पैदा हुई तो आरोपी ने दुबई के नामी होटल में पार्टी दी थी। पहली पत्नी भी शामिल हुई थी। हालांकि, लिखापढ़ी में वह पिता और पहली पत्नी से संबंध खत्म कर चुका है लेकिन सभी के खातों में करोड़ो रुपये ट्रांसफर कर चुका है। सभी के नाम करोड़ों की प्रापर्टी कर रखी है।



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