नजीराबाद पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लोन दिनाने के नाम पर फर्जी फर्म बना जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। अब तक हुई जांच में करीब 250 करोड़ की चोरी पकड़ी गई है, जबकि 38 बोगस फर्म बनाने की जानकारी मिली है। यह गिरोह युवाओं को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर फर्जी फर्म बनाने व किरायेदारी नामा कराने का कार्य करते थे। उन्नाव के उज्जवल के नाम पर बनी फर्म के खाते में छह माह में लगभग 117 करोड़ का और आरके नगर निवासी अनुराग वर्मा के अकाउंट से 72 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। पुलिस ने जीएसटी के अधिकारियों को मामले की रिपोर्ट दी है। दोनों आरोपियों के पास से 30 मोबाइल बरामद हुए हैं।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि नजीराबाद के आरके नगर के रहने वाले अनुराग वर्मा को बहन की शादी के लिए लोन चाहिए था। 19 दिसंबर 2025 उसकी मुलाकात को कपिल मिश्रा और राज उर्फ अमरदीप से हुई। दोनों ने लोन दिलाने का झांसा देकर पैन कार्ड, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, डीएल, बिजली का बिल समेत उसके अन्य दस्तावेज ले लिए। अनुराग वर्मा को 30 जनवरी को गोविंदनगर की एक बैंक में फोटो खिंचाने के लिए भेजा गया। वहां उसका बैंक खाता खुला। लोन के रुपये न आने पर युवक ने बैंक में जाकर पता लगाया तो उसके नाम से रुद्रा इंटरप्राइजेज फर्म बनने और उसमें लाखों के ट्रांजेक्शन होने की जानकारी हुई।

उसे साइबर अपराध की आशंका हुई। अनुराग वर्मा ने 22 फरवरी को नजीराबाद थाने व साइबर क्राइम ब्रांच को सूचना दी। पुलिस ने खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें 72 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन मिला। लोन दिलाने वाले दोनों युवकों के बारे में पूछताछ की। दोनों युवकों को हिरासत में लेने पर और गिरोह का पता चला। गिरोह ने उन्नाव के बीए पास उज्जवल के नाम पर भी पार्वती इंटरप्राइजेज (फर्म) बनाई थी। यह सीमेंट और बिल्डिंग मैटेरियल्स से संबंधित दिखाई गई थी। इस फर्म में छह माह के अंदर 117 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ था, जबकि 87 करोड़ रुपये कैश निकाले गए थे। इस फर्म में लखनऊ की शिवांश इंटरप्राइजेज समेत 12 अन्य फर्म से राशि डाली गई थीं। उज्जवल के पिता ई-रिक्शा चलाते हैं। पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में आरके नगर और उन्नाव के युवकों की तरह 38 बोगस फर्म की जानकारी हुई। उनके रुपयों के लेनदेन की डिटेल खंगाली जा रही है। गिरोह में उन्नाव के ऋषभ शुक्ला, प्रथम और कानपुर के ऋषभ पांडेय, ऋषभ पटेल, रजत और साहिल के नाम सामने आए हैं। यह रुपयों के ट्रांजेक्शन, फर्म बनाने समेत अन्य खेल किया करते थे। कपिल मिश्रा और राज लोन दिलाने का झांसा देकर उनको बैंकों तक लाया करते थे।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *