विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म कॉलेज (वीएसएसडी) प्रबंध तंत्र ने वित्तीय अनियमितता में प्राचार्य प्रो. बिपिनचंद्र कौशिक को निलंबित कर दिया है। प्राचार्य का आरोप है कि बिना कोई कारण बताए ही उनको निलंबन पत्र थमा दिया गया है। प्रो. कौशिक के निलंबन की सूचना मिलते ही कानपुर विश्वविद्यालय प्राचार्य परिषद (कूपा) ने आपात बैठक बुलाकर इसका विरोध किया। प्राचार्य परिषद का कहना है कि इस निलंबन का प्रतिवेदन छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति के सामने रखेंगे। हालांकि प्रबंध तंत्र के निलंबन पत्र को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की ओर से अप्रूव कर दिया गया है।
वीएसएसडी कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्य प्रो. विपिन कौशिक के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध चल रहे हैं। महाविद्यालय की सचिव सीए नीतू सिंह की ओर से तीन दिसंबर को निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। इसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के सेक्शन 35 के तहत कार्रवाई की गई है। 25 अक्तूबर 2025 को प्रबंध समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया है। निलंबन आदेश तत्काल प्रभावी होगा और प्राचार्य प्रो. बिपिनचंद्र कौशिक अपना कार्यभार उप प्राचार्य प्रो. नीरू टंडन को सौंप देंगे।
वीएसएसडी कॉलेज प्राचार्य के निलंबन की जानकारी मिलते ही कूपा की बैठक गुरुवार दोपहर वर्चुअल माध्यम से हुई। परिषद के महामंत्री प्रो. वीके कटियार ने बताया कि परिषद को प्रो. कौशिक से पूरे मामले की जानकारी मिली है। प्रबंध तंत्र का मनमाना रवैया नहीं बर्दाश्त किया जाएगा। प्राचार्य को प्रबंध समिति की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया। 25 अक्तूबर की बैठक के बारे में भी प्राचार्य को जानकारी नहीं दी गई और न ही उनका पक्ष सुना गया। उच्च शिक्षा सेवा आयोग से चयनित प्राचार्य पर की जाने वाली यह कार्रवाई उच्च शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है। परिषद का प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक से शनिवार को मुलाकात करेगा।
प्रबंध तंत्र की ओर से निलंबन का पत्र मिला है। इसका क्या आधार है, इसकी जानकारी नहीं है। मुझे अपना पक्ष रखने का अधिकार है, निश्चित ही कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक से मुलाकात कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। -प्रो. विपिन चंद्र कौशिक
वीएसएसडी कॉलेज के प्रबंध तंत्र की ओर से प्राचार्य का निलंबन पत्र अनुमोदन के लिए आया था जिसे अनुमोदित कर दिया गया है। -प्रो. विनय कुमार पाठक, वीसी, सीएसजेएमयू
