पुलवामा में सात साल पहले हुए आतंकी हमले में कानपुर के दो शहीद परिवारों से किया गया वादा मंगलवार को रियल इस्टेट कंपनी के निदेशकों ने पूरा कर दिया। शहीदों की पत्नियों के नाम सौ-सौ वर्गगज के प्लाट की रजिस्ट्री कराई तो पत्नियों की आंखों में जहां जमीन पाने की खुशी दिखी और पति की शहादत को याद कर आंसू भी छलक पड़े।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए आतंकी हमले में कई जवान शहीद हुए थे। इसमें कानपुर से कल्याणपुर के रहने वाले प्रदीप सिंह यादव और कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के रयगवां के रहने वाले श्याम बाबू के अलावा उन्नाव के पुरवा निवासी अजीत कुमार गौतम उर्फ आजाद भी शामिल थे। घटना के बाद कल्याणपुर के इंदिरानगर दयानंद विहार स्थित त्रियम रियलटेक के अधिकारियों ने तीनों शहीदों के घर पहुंचकर परिवारवालों को सौ-सौ वर्गगज जमीन सहानुभूतिवश देने का वादा किया था।
सात साल बाद आखिर वादा पूरा करने की घड़ी आई। कंपनी के निदेशक पंकज शुक्ला और शरद रंजन मंगलवार को कचहरी पहुंचे। शहीद प्रदीप की पत्नी नीरज यादव और शहीद श्याम बाबू की पत्नी रूबी देवी के नाम पर गंगाकुंज स्थित कटरी ख्योरा की सौ-सौ वर्गगज जमीन के दानपत्र विलेख को पंजीकृत कराया। दोनों दानपत्र पंकज शुक्ला के भाई अधिवक्ता दिनेश शुक्ला ने पंजीकृत कराए। पंकज ने बताया कि उन्नाव के शहीद अजीत कुमार गौतम की पत्नी को उन्नाव में ही जमीन दी जाएगी। बुधवार को उन्नाव जाकर उनके दानपत्र को भी पंजीकृत करवा दिया जाएगा।