इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने दिसंबर 2025 सत्र की कंपनी सचिव परीक्षाओं के परिणाम बुधवार को घोषित किए। सीएस एग्जीक्यूटिव में शहर के तुषार मिश्रा को ऑल इंडिया में 13वीं रैंक मिली। उन्हें 700 में से 405 अंक मिले। उन्होंने पहले प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उनके पिता अजय मिश्रा अकाउंटेंट हैं, जबकि उनकी मां किरन मिश्रा निजी कंपनी में काम करती हैं। प्रोफेशनल में शहर के 67 और एग्जीक्यूटिव में 113 छात्र सफल हुए हैं।
कानपुर चैप्टर के चेयरमैन सीएस आशीष बंसल ने बताया कि आईसीएसआई की ओर से प्रोफेशनल प्रोग्राम (पाठ्यक्रम 2017 और 2022) और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (पाठ्यक्रम 2022) के परिणाम घोषित किए गए हैं। प्रोफेशनल प्रोग्राम परीक्षा में कुल 240 छात्र शामिल हुए, जिनमें 67 सफल हुए। इसमें 35 छात्र पहले मॉड्यूल और 18 दूसरे मॉड्यूल में पास हुए। मॉड्यूल एक में 31.82 प्रतिशत और मॉड्यूल दो में 24.06 प्रतिशत छात्रों ने सफलता पाई। इस परीक्षा में 14 छात्रों ने एक ही बार में दोनों ग्रुप पास कर सफलता प्राप्त की।
एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम परीक्षा में कुल 502 छात्र शामिल हुए, जिनमें से 113 सफल हुए है। ग्रुप एक में 22 प्रतिशत और ग्रुप दो में 23.05 प्रतिशत छात्रों ने सफलता पाई। शहर में परीक्षा परिणाम कुल मिलाकर अच्छा रहा। कानपुर चैप्टर की सेक्रेटरी सीएस जागृति मिश्रा ने अगली परीक्षा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगली सीएस प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम परीक्षा एक से सात जून तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान चैप्टर कार्यालय में सफल छात्रों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। मौके पर सीएस रीना जाखोदिया, वैभव अग्निहोत्री सहित अन्य मौजूद रहे।
पहले करेंगे नौकरी, फिर कारोबार
शिवाला के तुषार मिश्रा ने बताया कि प्रोफेशनल प्रोग्राम के बाद वे पहले नौकरी करेंगे। इसके बाद अपना कौशल और निखारेंगे और फिर कारोबार करेंगे। तुषार ने 2019 की सीए प्रवेश परीक्षा में भी शहर का नाम रोशन किया था, लेकिन उसके बाद उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसएससी की तैयारी भी नहीं सफल रही। फिर उन्होंने सीएस की तैयारी शुरू की और पहले प्रयास में सफलता पाई।
बड़ी बहन बनीं सीएस, छोटी ने एग्जीक्यूटिव परीक्षा पास की
बांसमंडी के टिंबर कारोबारी जीशान आलम खान की बेटियों ने भी परीक्षा में सफलता हासिल की। सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम पास कर बड़ी बेटी सिदरा जीशान परिवार की पहली सीएस बनीं। छोटी बेटी युशरा जीशान ने एग्जीक्यूटिव परीक्षा में सफलता पाई। सिदरा ने बताया कि उनकी मां शबनम परवीन ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पहले वो प्रैक्टिस करेंगी। उनकी एलएलबी भी पूरी होने वाली है।
फाउंडेशन परीक्षा में हासिल की थी 5वीं रैंक, अब बने सीएस
बर्रा चार निवासी वैभव गोकलानी ने बताया कि वो सात साल में सफलता हासिल कर सके। 2019 की फाउंडेशन परीक्षा में उन्हें देश में पांचवीं रैंक मिली थी। उसके बाद अन्य परीक्षाओं में बेहतर नहीं कर सके थे। इसी बीच उन्होंने नौकरी करनी भी शुरू कर दी। अभी भी एक कंपनी में कानूनी और सीएस का काम देख रहे हैं। उन्हें अपनी सफलता पर पूरा भरोसा था और अब वो सीएस बन गए हैं।
