कानपुर देहात में निर्माणाधीन मकान में करीब दस फीट गहरे भूमिगत टैंक में रेस्क्यू के लिए संकरा खुला हिस्सा अड़चन बना। सीसी (कंक्रीट) पटान तोड़ने का प्रयास सफल नहीं हुआ तो संकरे रास्ते से ही टैंक के अंदर जाकर बचावकर्मी ने रेस्क्यू शुरू किया। घटना की जानकारी मिलते की अबकरपुर थाना प्रभारी सतीश सिंह व उनके साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई।

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लीडिंग फायरमैन अंजनी कुमार ब्रीदिंग ऑपरेटस पहनकर टैंक में उतरे। एक-एक कर उन्होंने बेहोश युवकों के रस्सी बांधी। ऊपर मौजूद दमकल की रेस्क्यू टीम ने युवकों को टैंक से बाहर खींचा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि दस फीट गहरे भूमिगत टैंक में करीब ढाई फीट पानी भरा है। एक-एक कर युवक टैंक में उतरे।




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Kanpur Dehat Struggle in rescue too labourers taken out from narrow path mother said what happen to childs

मजदूर को बाहर निकालते बचावकर्मी
– फोटो : amar ujala


एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा

अंदर ऑक्सीजन न होने की वजह से युवक बेहोश होते गए। दोपहर करीब 2:55 बजे माती फायर स्टेशन पर सूचना मिली। अग्निमशन अधिकारी कपिल फायर कर्मियों के साथ करीब 3:05 बजे मौके पर पहुंच गए। तत्काल फायर रेस्क्यू टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। टैंक से तीन युवक बेहोशी की हालत में बाहर निकाले गए जबकि एक युवक होश में था। सभी को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया।


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मकान से बाहर निकलता इसरार
– फोटो : amar ujala


बदहवाश परिजन शव से लिपट बिलखते रहे, अफसरों ने बंधाया ढांढस

शटरिंग खोलने के दौरान हुए हादसे में तीन युवकों की मौत की जानकारी पर अस्पताल पहुंचे परिजन का हाल बेहाल रहा। परिजन एक दूसरे के शवों से लिपट कर बिलखते रहे। वहीं, मौजूद अधिकारी पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते रहे। कन्हैयानगर में हुए हादसे में अमन, सर्वेश, मुबीन की मौत की जानकारी मिलते ही एसपी अरविंद मिश्रा, सीएमओ डॉ. एके सिंह व अन्य अधिकारी पहुंच गए।


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मकान के अंदर जांच करती टीम
– फोटो : amar ujala


शवों का पोस्टमार्टम कराया गया

इधर एक-एक कर मृतकों के परिजन भी जा पहंुचे। इमरजेंसी में चीख-पुकार मच गई। वहीं अकबरपुर कस्बा के साथ बिगाही गांव के काफी संख्या में लोग जा पहुंचे। भीड़ बढ़ती देख सुरक्षा के लिहाज से अकबरपुर, रनियां, रूरा, बराैर थाना पुलिस बुला ली गई। पुलिस बाहर परिसर में मौजूद रही। वहीं मेडिकल कॉलेज में भर्ती इसरार से एसपी ने पूरी घटना की जानकारी ली। साथ ही पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। पुलिस ने सभी शवों को रात में ही मोर्चरी भेज दिया, जहां पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई।


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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और ग्रामीण
– फोटो : amar ujala


बिलखती रही मां, बोली सर्वेश ही था घर का सहारा

सर्वेश की शटरिंग खोलने के दौरान दम घुटने से मौत की जानकारी पर मां रामबेटी, पत्नी गुड्डी, भाई राममिलन, नीरज बिलखते हुए पहुंचे। बेटे सर्वेश का शव को देख मां रामबेटी लिपट कर रोती बिलखती रही। किसी तरह परिजन उसे इमरजेंसी के पास लाकर बैठाया। इसके बाद वह दहाड़े मार-मार कर रोती रही। बिलखते हुए बताया कि पति रावेंद्र का पहले निधन हो चुका है। घर की जिम्मेदारी सर्वेश पर थी, वहीं सहारा था। इधर पति की मौत पर गुड्डी बदहवाश रही। भाई राममिलन ने बताया कि सर्वेश के एक बेटा सूरज व बेटी अंजू है। वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।




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