Kanpur News: वायरल संक्रमण तेज हो गया है। ऐसे में रोगियों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। सेप्सिस से दो की मौत हो गई।

हैलट अस्पताल
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वायरल संक्रमण से अस्थमा रोगियों को लंग्स अटैक पड़ रहा है। रोगियों को गंभीर हालत में हैलट इमरजेंसी और चेस्ट हॉस्पिटल लाया जा रहा है। मेडिसिन विभाग और चेस्ट हॉस्पिटल का आईसीयू फुल है। दो अस्थमा रोगियों की वायरल संक्रमण के बाद सेप्सिस से मौत हो गई। वायरल फीवर के बाद रावतपुर के रहने वाले अस्थमा रोगी राघव (58) की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो क्षेत्र के अस्पताल ले गए, वहां मौत हो गई। उन्हें सेप्सिस हो गया था। रोगी को आठ साल से अस्थमा की दिक्कत रही है। पनकी की रहने वाली सीओपीडी रोगी चंद्रिका (62) की वायरल फीवर के बाद खून में संक्रमण फैल जाने से मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि वायरल संक्रमण के बाद सांस की दिक्कत बढ़ गई थी। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन (सेंट्रल जोन) के चेयरमैन प्रोफेसर एसके कटियार का कहना है कि हृदय रोगियों की तरह अस्थमा रोगियों को भी अटैक पड़ता है। हर अटैक के बाद फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि अस्पताल का आईसीयू फुल है। अस्थमा अटैक के रोगी ओपीडी में आ रहे हैं।
