
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला
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52 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में फतेहपुर के मलवां स्थित राधे-राधे इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक नवीन जैन को स्पेशल सीजेएम कुमुदलता त्रिपाठी ने नौ जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने रिमांड पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में तर्क रखा कि डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस लखनऊ की टीम ने नवीन जैन को 52 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है।
फर्म पर 344 करोड़ रुपये का माल बिना जीएसटी चुकाए बेचने का आरोप है। फतेहपुर में संचालित इस फर्म का कॉरपोरेट ऑफिस फजलगंज में है। मामले की विवेचना अभी जारी है। नवीन फर्म के निदेशक हैं, इसलिए इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाए। वहीं नवीन की ओर से अधिवक्ता ने रिमांड के विरोध में तर्क रखा कि अपराध में पांच साल से कम की सजा का प्रावधान है।
नवीन को फंसाने के लिए झूठे सबूत पेश किए गए हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नवीन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके बाद नवीन के अधिवक्ता की ओर से एक प्रार्थना पत्र कोर्ट में देकर कहा गया कि नवीन हार्निया की बीमारी से ग्रसित हैं, इसलिए उन्हें जेल के बजाय इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाए। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा है।
