22 साल पहले मर चुके व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर, फोटो और पहचान का इस्तेमाल करके जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों हनुमंत विहार निवासी धर्मेंद्र कुमार और बिधनू निवासी वेद प्रकाश त्रिपाठी को जेल भेज दिया है। 70 वर्षीय पीड़ित छोटेलाल ने कोर्ट के आदेश पर दिसंबर में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
छोटेलाल ने बताया कि 1982 में हंसराज डंग से एक प्लॉट का एग्रीमेंट किया था। 1983 में वसीयत से प्लॉट उनके नाम हो गया था। 14 फरवरी 2002 को हंसराज डंग का निधन हो गया था। आरोप है कि उनके निधन के बाद प्रवीन तलवार, रचित तलवार, पप्पू सविता और तीन साथियों ने मिलकर हंसराज डंग के फर्जी हस्ताक्षर, फोटो व पहचान का प्रयोग कर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर दिया।
इस फर्जी व्यक्ति और दस्तावेजों की मदद से 19 अक्टूबर 2024 को जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई। आरोपी तब से प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि विवेचना में कई अन्य नाम भी सामने आए। हनुमंत विहार निवासी धर्मेंद्र कुमार और बिधनू निवासी वेद प्रकाश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
