बिधनू में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी तीनों भाइयाें सनी, कमल और आशीष को गिरफ्तार कर गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो की धाराएं बढ़ाई हैं। वहीं, हत्यारोपी सनी जेल जाने से पहले खूब रोया। उसने कहा कि मैंने शराब पी थी। बच्ची खेत में बकरी चरा रही थी। शाम के करीब चार बजे उसे 50 रुपये देकर बिस्कुट और नमकीन लेकर 300 मीटर दूरी पर खंडहर में बुलाया। वहां उसके साथ गलत कार्य किया। वह रोने लगी, जिससे डर गया। वह अपने मम्मी पापा और घरवालों को शिकायत करने पर अड़ी थी। इससे उसका गला दबाकर मार डाला। हत्या के करीब एक घंटे तक वहीं बैठा रहा। वह शिवगंज से शराब खरीदकर लाया था।
ग्रामीण की बेटी पांचवीं कक्षा की छात्रा थी। सोमवार की दोपहर बकरी चराने गई थी। मंगलवार को सूचना पर खेत खोदने पर शव मिला था। घरवालों ने तीनों भाइयों आशीष, सनी और कमल के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आशीष और कमल को हिरासत में ले लिया लेकिन सनी भाग गया था। बुधवार देर रात सनी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया।
अपर पुलिस आयुक्त अपराध संकल्प शर्मा ने बताया कि तीनों भाइयों को जेल भेज दिया गया है। वारदात में आरोपियों का पिता भी साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने का आरोपी है। उसका नाम भी एफआईआर में दर्ज किया जाएगा। फिलहाल उसकी तलाश चल रही है। सनी के खिलाफ पूर्व में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है। तीनों आरोपियों के सैंपल जांच के लिए एफएसएल लैब भेजे हैं जिसकी रिपोर्ट से बाकी के शामिल होने की पुष्टि हो जाएगी। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
भाइयों और परिजन की भूमिका की हो रही जांच
थाना प्रभारी टीबी सिंह ने बताया कि सनी के साथ उसके दोनों भाइयों ने साक्ष्य नष्ट करने और जानकारी छिपाने का कार्य किया है। वह घटना में शामिल थे या नहीं इसकी जांच की जा रही है। पीड़िता की मौत हो चुकी है जिससे घटना की वास्तविकता बताने वाला कोई गवाह नहीं है।