Karanbhushan lagged behind in Kaiserganj, Bhagatram among others

विश्नोहरपुर ​स्थित आवास पर सांसद करणभूषण को बधाई देते समर्थक। स्रोत: सोशल मीडिया

भाजपा प्रत्याशी करणभूषण सिंह ने लोकसभा क्षेत्र के चार विधानसभा क्षेत्रों में लहराया परचम

भाजपा और सपा विधायकों का चला जादू, एक-दूसरे को टक्कर देने में निभाई सक्रिय भूमिका

संवाद न्यूज एजेंसी

गोंडा। कैसरगंज विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी करणभूषण सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा प्रत्याशी भगतराम मिश्र से पिछड़ गए मगर उन्होंने पयागपुर, कटराबाजार, करनैलगंज और तरबगंज विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम खुलते ही लीड बनाई। इसके बाद कभी भी सपा प्रत्याशी उबर नहीं पाए और कुल 1,48,843 वोटों से हार का सामना करना पड़ा है। दरअसल, कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र में पयागपुर में सुभाष त्रिपाठी, कटराबाजार में बावन सिंह, करनैलगंज में अजय सिंह और तरबगंज में प्रेमनरायन पांडेय भाजपा से विधायक हैं जबकि कैसरगंज विधानसभा सीट पर सपा विधायक आनंद यादव काबिज हैं।

आंकड़ों की मानें तो इस बार विधायकों का जमकर जादू चला। भाजपा ने कैसरगंज सांसद बृजभूषण सिंह के बेटे करणभूषण सिंह को चुनाव मैदान में उतारा तो करण भूषण के सामने पहली बार चुनाव मैदान में जीत दर्ज कराना चुनौती थी लेकिन विधायकों ने उनकी राह आसान कर दी। विधायक सुभाष त्रिपाठी, प्रेमनरायन पांडेय, बावन सिंह और अजय सिंह ने पार्टी प्रत्याशी की जीत के लिए जमकर पसीना बहाया। विधायकों का जादू चला और करणभूषण सिंह को कटराबाजार, पयागपुर, तरबगंज और करनैलगंज लीड मिली है। कैसरगंज विधानसभा क्षेत्र में भगतराम मिश्र ने 6786 वोटों से करणभूषण सिंह को हरा दिया। कैसरगंज में सपा विधायक आनंद यादव का प्रभाव बरकरार रहा।

तरबगंज में भाजपा को सबसे अधिक 80,917 वोटों की लीड –

करणभूषण सिंह को तरबगंज विधानसभा में सबसे अधिक 80,917 वोटों की लीड मिली है। स्थानीय भाजपा विधायक प्रेमनरायन पांडेय की मेहनत मतदान से लेकर चुनाव परिणाम में साफ तौर पर दिखाई पड़ी। 148843 की जीत में तरबगंज ने अकेले 80,917 वोटों के ऐसे बड़े मार्जिन का खाका खींच दिया, जिसे कवर कर पाना सपा प्रत्याशी के लिए आसान नहीं था। इसके बाद 31395 मतों के साथ कटराबाजार विधानसभा क्षेत्र में दूसरी और पयागपुर में 23,779 मतों की तीसरी सबसे बड़ी लीड मिली है। इसी तरह से करनैलगंज विधानसभा में 19,119 वोटों से भगतराम को पीछे किया। जबकि कैसरगंज विधानसभा क्षेत्र में करणभूषण सिंह को 6786 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। यहां सपा का पलड़ा भारी रहा।

विधायकों के दखल के चलते नहीं हावी हो पाए लोकल मुद्दे

जानकारों का कहना है कि विधायकों के सक्रियता के चलते लोकल मुद्दे प्रभावी नहीं हो सके। इस बार मुख्य विपक्षी भगत राम ने बेरोजगारी, मंहगाई, छुट्टा जानवर के अलावा विश्वविद्यालय का मुद्दा छेड़ा। इतना ही नहीं लोकसभा की गड्ढ़े युक्त सड़कें और फ्लाईओवर समेत अन्य तमाम मुद्दों पर खुल समर्थन हासिल किया। मगर विधायकों की दखल के चलते जमीन रणनीति नहीं भांप सके।

सपा प्रत्याशी को नहीं मिला संगठन का सहयोग

सपा प्रत्याशी भगतराम मिश्र का मानना है कि उन्हें सपा विधायक कैसरगंज आनंद यादव ने सपोर्ट किया। इस दौरान पार्टी के कोर वोटर के साथ ही सेंधमारी में कामयाब रहे। बावजूद इसके उन्हें गोंडा और बहराइच जिले की बाकी विधानसभा सीटों पर संगठन स्तर पर मजबूती नहीं मिल सकी। कोई बड़ा नेता चुनाव प्रचार में नहीं पहुंचा जिसे सपा प्रत्याशी के हार का कारण बताया जा रहा है।

ईवीएम की काउंटिंग में लीड करते गए करण भूषण

विधानसभा क्षेत्र- करणभूषण- भगतराम- अंतर

तरबगंज– 138668– 57751 80,917

कटराबाजार 121621 90226 31395

पयागपुर– 115323 91544 23,779

करनैलगंज– 94238 75119 19,119

कैसरगंज– 100586 107372 6786



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