
करवाचौथ का त्योहार।
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कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवाचौथ का व्रत होता है। इस दिन को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 20 अक्तूबर रविवार सुबह 6:46 बजे से हो रही है। यह तिथि 21 अक्तूबर को सुबह 4:16 बजे तक रहेगी।
ऐसे में चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी तिथि अनुसार करवाचौथ का व्रत 20 अक्तूबर को रखा जाएगा। रविवार शाम 5:33 से 6:49 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। 20 अक्तूबर को लखनऊ में चंद्रोदय सांयकाल 7:54 बजे होगा।
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार इस बार करवाचौथ पर गजकेसरी, बुधादित्य व शश योग रहेगा। उच्च का चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में शुभ संयोग बना रहा है। यह सुहागिनों के लिए फलदायी होगा। करवाचौथ व्रत में कई जगह सरगी का रिवाज है। सरगी, सास बहुओं को देती हैं, जिसमें बादाम, मेवे, फल, मिठाई, होती है। इसे सूर्योदय से पहले खाना होता है।
रात तक चंद्रदेव को अर्घ्य देने तक निर्जला व्रत का पालन करना होता है। प्रातः काल स्त्रियां व्रत करती हैं। विवाहित महिलाएं मेहंदी, सिंदूर, मंगलसूत्र, चूड़ियां, बिंदी व बिछिया आदि श्रृंगार करती हैं। वहीं, नवविवाहित महिलाओं को इस दिन शादी का जोड़ा पहनने के साथ 16 श्रृंगार करना चाहिए।
शिव, गौरी, गणेश पूजन एवं करवा चौथ की कथा सुनने का विधान है। स्त्रियां चंद्रोदय के बाद चंद्रमा के दर्शन व पूजन कर अर्घ्य देकर जल और भोजन ग्रहण करती हैं। पूजा के बाद सास का आशीर्वाद लेती हैं।
