उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में कांग्रेस को दो सीटें देकर किनारा कर दिया है। आठ सीटें पर खुद चुनाव लड़ रही है। यदि सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस में मनमुटाव बना रहा तो निश्चित रूप से खैर सीट कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण होगी?
{“_id”:”6715370d6c172dfcc60a4d72″,”slug”:”khair-by-election-candidate-of-sp-or-congress-2024-10-20″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Khair By Election: सपा की सियासी चाल से खैर सीट पर असमंजस, प्रदेश नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

कांग्रेस नेता राहुल गांधी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
– फोटो : amar ujala
इंडी गठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उपचुनाव में सपा ने कांग्रेस को खैर समेत दो ही सीटें दीं हैं। इसमें भी अभी प्रदेश नेतृत्व की हरी झंडी मिलनी बाकी है। ऐसे में सपा की सियासी चाल से खैर सीट पर असमंजस की स्थिति बन गई है।
उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में कांग्रेस को दो सीटें देकर किनारा कर दिया है। आठ सीटें पर खुद चुनाव लड़ रही है। यदि सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस में मनमुटाव बना रहा तो निश्चित रूप से खैर सीट कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण होगी? क्योंकि सपा के कार्यकर्ता खैर में कांग्रेस प्रत्याशी के लिए दमदारी से नहीं जुटेंगे। फिलहाल दोनों दलों के कार्यकर्ता अभी असमंजस में हैं ।
लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन से अखिलेश यादव के तेवर कुछ बदले हुए है। इसलिए प्रदेश में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सपा ने अपने प्रत्याशी पहले ही उतारने शुरू कर दिए थे। कांग्रेस ने खैर समेत प्रदेश में पांच सीटों की मांग की थी। मगर, सपा सात सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। सपा की मनमानी से कांग्रेस के नेताओं में हलचल पैदा हो गई है। इसका असर खैर विधानसभा सीट पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, खैर सीट कभी भी सपा के खाते में नहीं रही है।