मुजफ्फरनगर के Khatauli थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इस शर्मनाक घटना के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 4 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस अपराधी की पहचान बिट्टू पुत्र कृष्णपाल के रूप में हुई है, जो ग्राम दाहौड का निवासी है।
यह घटना 10 नवम्बर को घटित हुई, जब बच्ची के साथ इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया गया। पुलिस ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए एफआईआर दर्ज कराई और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया। पुलिस अधिकारियों ने उच्चतम प्राथमिकता के तहत आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास किए, और महज 4 घंटे के अंदर उसे पकड़ लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के निर्देशों और पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन में थाना खतौली की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने बच्ची के माता-पिता की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। साथ ही, अपराधी बिट्टू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2)/65(2) बीएनएस भी लगाई गई है।
फौरन मामले को लेकर पुलिस की टीम ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी बिट्टू को ग्राम दाहौड से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम में कर्णवीर सिंह और कृपाल सिंह ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पोक्सो एक्ट और उसकी अहमियत
इस घटना में पोक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 के तहत अभियुक्त के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोक्सो एक्ट, बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और शोषण की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष रूप से बनाया गया था। यह एक्ट बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने का कार्य करता है।
इस अपराध में आरोपी ने न केवल बच्ची के साथ यौन हिंसा की, बल्कि इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी और कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस का कहना है कि वह ऐसे मामलों में पूरी सख्ती से निपटेंगे और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की मेहनत और समाज में विश्वास
पुलिस की यह तत्परता और त्वरित कार्रवाई निश्चित रूप से समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को बढ़ाती है। ऐसे मामलों में जहां पीड़ित नाबालिग होते हैं, पुलिस का कार्य और भी अहम हो जाता है। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई तेजी से कार्रवाई ने न केवल अपराधी को पकड़ने में मदद की, बल्कि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खतौली की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस किसी भी अपराधी को बचने का मौका नहीं देती। पुलिस टीम की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से यह साबित हो गया कि अगर पुलिस और जनता दोनों मिलकर काम करें, तो अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकती है।
