कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट मामले की मुख्य रोगी पारुल तोमर और डोनर आयुष चौधरी को बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान , लखनऊ रेफर कर दिया गया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने संसाधनों की कमी और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला लिया है।


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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इलाज के बाद पारुल की प्रत्यारोपित किडनी ने धीरे-धीरे काम करना शुरू कर दिया है। किडनी के फिल्टर करने की प्रक्रिया शुरू होने से सीरम क्रेटेनिन के स्तर में कमी आई है। बता दें कि प्राचार्य ने सीएमओ को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि किडनी प्रत्यारोपण के रोगी के इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।



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