झांसी। कृषि विज्ञान केंद्र भरारी में ग्रामीण कृषि मौसम सेवा योजना के तहत कृषक जागरुकता प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। वैज्ञानिक डॉ. आदित्य सिंह ने कृषि में योजना के महत्व की जानकारी दी। बताया कि मेघदूत और दामिनी एप से मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसका खेती में उपयोग कर मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से फसलों को बचाते हुए किसान आमदनी बढ़ाएं।
योजना के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश चंद्र ने कहा कि अब भारत मौसम विज्ञान विभाग लघु, मध्यम और दीर्घ अवधि पूर्वानुमान लगाता है। इसके आधार पर कृषि परामर्श तैयार कर किसानों तक पहुंचाया जाता है। प्रभारी अधिकारी डॉ. निशी राय ने केंद्र की योजनाओं के बारे में बताया। डॉ. अतीक अहमद ने मिट्टी परीक्षण के बारे में जानकारी दी। डॉ. विमल राज यादव ने फसलों में लगने वाली बीमारियों और कीटों के संबंध में जानकारी दी। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डॉ. जगन्नाथ पाठक ने कहा कि किसान प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारियों को खेत में भी उतारें। इससे निश्चित ही उन्हें लाभ होगा। इस दौरान रामकिशोर, गौरव, मो. रमजान, दयाराम, राजन, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
