
BHU Hospital
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कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से दरिंदगी को लेकर देश भर में रेजिडेंट, डॉक्टर विरोध, प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करते हुए सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग भी चल रही थी। इस बीच सरकार ने केंद्रीय चिकित्सालयों में 25 प्रतिशत सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी देते हुए आदेश भी जारी कर दिया है। इसके आधार पर बीएचयू में सुरक्षा को लेकर नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है।
इस बीच मंगलवार को अस्पताल में जगह-जगह सुरक्षा कर्मी लोगों से पूछताछ कर अस्पताल आने का प्रमाण चेक करते रहे। उधर चीफ प्रॉक्टर, आईएमएस निदेशक, अस्पताल के एमएस की बैठक भी हुई। इसमें अस्पताल में निगरानी व्यवस्था को पहले से और मजबूत करने का फैसला भी हुआ।
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी, ओपीडी, जांच काउंटर से लेकर वार्ड आदि जगहों को मिलाकर कुल 210 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें कुछ सुरक्षा कर्मी अस्पताल में बने कंट्रोल रूम में भी बैठते हैं। यहां से सीसीटीवी की निगरानी की जाती है। दो दिन पहले ही डॉक्टरों ने सुरक्षा पर सवाल खड़ा करते हुए यहां सीआईएसएफ की तैनाती की मांग उठाई थी। अब जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पताल की सुरक्षा को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है तो इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है।
दोपहर में आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार, एमएस प्रो.केके गुप्ता, चीफ प्रॉक्टर प्रो.शिवप्रकाश सिंह और आईएमएस के डिप्टी चीफ प्रॉक्टर सहित सुरक्षा से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों ने बैठक कर सुरक्षा पर चर्चा की। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में जगह-जगह सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई हैं।
