
परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े परीक्षार्थी
अमेठी। यूपी बोर्ड की परीक्षा के पहले दिन ही इंतजाम पर सवाल उठने लगे। भादर क्षेत्र के दो कॉलेजों में कक्ष निरीक्षकों की कमी से काफी समस्या आई। हालांकि, अधिकारी परीक्षा सकुशल व नकल विहीन कराने का दावा कर रहे हैं। बृहस्पतिवार से यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई। पहली पाली में हाईस्कूल के विद्यार्थियों ने हिंदी और इंटर के सैन्य विज्ञान, जबकि दूसरी पाली में हाईस्कूल के वाणिज्य, इंटर के हिन्दी विषय की परीक्षा हुई। सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने के लिए सात बजे से परीक्षार्थी पहुंचने लगे। परीक्षा की मॉनीटरिंग सेल से ऑनलाइन निगरानी कराई गई। साथ ही गठित सचल दल भ्रमण शील रहा।
जिलाधिकारी निशा अनंत और एसपी डॉ. इलामारन जी ने श्री निषाद राज इंटर कॉलेज, किटियावां शाहगढ़ परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। वहां पर परीक्षार्थियों के लिए अनुक्रमांक के अनुसार निर्धारित स्थानों पर बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे व सीसीटीवी कंट्रोल रूम आदि का निरीक्षण किया गया।
24 कक्ष निरीक्षकों की जरूरत, आए सिर्फ 20
भादर(अमेठी)। ब्लाक क्षेत्र के श्री आसलदेव इंटर कालेज पीपरपुर परीक्षा केंद्र में पहली पाली में से 410 परीक्षार्थियों में 27 अनुपस्थित रहे। यहां पर कक्ष निरीक्षकों का टोटा है। पहली पाली में 24 कक्ष निरीक्षकों की जरूरत थी लेकिन, आए महज 20। द्वितीय पाली में भी तीन कक्ष निरीक्षकों की कमी रही।
केंद्र व्यवस्थापक डाॅ. लाल सिंह ने बताया कि कक्ष निरीक्षकों की कमी की वजह से तीन कमरे में एक ही कक्ष निरीक्षक से किसी तरह परीक्षा संपन्न कराई गई। अयोध्या नगर स्थित श्रीमती सोनिया गांधी इंटर काॅलेज परीक्षा केंद्र पर पहली पाली में 277 परीक्षार्थियों में 12 परीक्षार्थी ने परीक्षा छोड़ी।
केंद्र व्यवस्थापक नीलम सिंह ने बताया कि कक्ष निरीक्षकों की कमी है। शुक्रवार को होने वाली परीक्षा में कमी पूरी हो जाएगी। डीआइओएस रीता सिंह ने बताया कि समस्या का समाधान करा दिया गया है। ड्यूटी पर न आने वाले कक्ष निरीक्षकों को नोटिस जारी की है।
सूचना लेने में भी दिक्कत
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन भले माध्यमिक शिक्षा विभाग तैयारियां बेहतर होने का दावा कर रहा हो लेकिन, हकीकत अलग है। सूचना-आदान प्रदान करने में अव्यवस्था हावी रही। केंद्र व्यवस्थापक को कंट्रोल रूम कर्मियों के बार-बार फोन करके अनुपस्थित परीक्षार्थियों की सूचना मांगना पड़ा। केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा के बाद सूचना देने की बात कहते रहे तो सचिव कार्यालय की ओर त्वरित सूचना मांगें जाने से कंट्रोल रूम कर्मी परेशान रहे।
