last rites of four youths performed in sad atmosphere who died in accident in Agra

जलती चिता
– फोटो : अमर उजाला

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उत्तर प्रदेश के आगरा में शादी समारोह से लौट रहे युवकों की कार नहर में गिर गई। दिगनेर नहर में गिरने के बाद कार पलट गई। इससे कार सवार अंदर ही छटपटाने लगे। कुछ ही समय में चारों युवकों ने दम तोड़ दिया। चारो युवक एक ही गांव गढ़ी मोहनलाल के रहने वाले थे। गांव में खबर पहुंची तो चीत्कार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजन को सौंप दिया। 

शनिवार की सुबह परिजन ने अंतिम संस्कार किया गया। गांव से एक साथ चार युवकों की अर्थियां उठीं तो पूरा गांव बिलख पड़ा। आलम यह था कि ढांढस बंधाने वाले लोगों की कमी पड़ गई। जो भी इस दर्दनाक घटना के सुनका उसकी आंखें नम हो जातीं। चीख पुकार के बीच किसी तरह ग्रामीणों ने उनका अंतिम संस्कार किया।     

यह है पूरा मामला

नहर में गिरने के बाद कार पलट गई। सवार अंदर ही छटपटाने लगे। तब तक कार में पानी भर गया। सेंट्रल लॉक फेल होने से दरवाजे नहीं खुले। इससे कार में फंसे लोगों को बाहर आने का मौका नहीं मिला। ग्रामीणों ने शीशे तोड़कर दो को बाहर निकाला लेकिन तब तक चार लोगों की सांसें थम चुकी थीं। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया है।

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि दिगनेर नहर की पटरी पर एक पुलिया है। पुलिया से ही मोड़ बना है। कार को इस पुलिया से ही मुड़ना था। मगर, कार नहर में गिर गई। तेज आवाज सुनकर लोग आ गए। नहर में गंदा पानी है। हालांकि गहराई अधिक नहीं है। मगर, गिरने के बाद कार पलट जाने से उसमें गंदा पानी भर गया। कार सवारों के फेफड़ों में पानी भर गया। कार के अंदर सभी लोग बाहर आने के लिए छटपटा रहे थे। मगर, गेट नहीं खुलने से कोई बाहर नहीं आ पाया।

किसान परिवार में कोहराम

मृतक विनोद सिंह किसान थे। उनके दो बेटे लोकेश, अरुण और बेटी खुशी है। विनोद के साथ रिश्ते के भतीजे जितेंद्र सिंह की भी मौत हुई। उनका 13 साल का बेटा कान्हा और 8 साल की बेटी अर्पिता हैं। दोनों किसान थे। मृतक मनीष झा भी किसान थे। उनके दो बेटे 17 साल का करन, 12 साल का तरन और 16 साल की बेटी कनिष्का है। मृतक शैलेंद्र का दो साल का बेटा है। घटना की जानकारी से परिवारों में कोहराम मच गया।

दोस्त के साले की शादी में गए थे

परिवार के लोगों ने बताया कि गांव में मनोज रहता है। उसके साले की शादी थी। इसमें शामिल होने के लिए सभी दोस्त गए थे। कार में सबसे पीछे गोपी बैठा था। ग्रामीणों ने शीशा तोड़ने के बाद सबसे पहले उसे ही बाहर निकाला। इसके बाद अन्य लोग निकाले गए थे। गोपी को मामूली चोट लगी थी। परिजन उपचार के बाद उसे अपने साथ लेकर चले गए। उधर, लाल सिंह का उपचार कराया जा रहा है।



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