संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। रविवार को छह मंदिरों से भगवान के विमान विहार के लिए निकले। भगवान का विहार देखने बाहरकोट मंदिर के समीप नगर एवं आसपास के गांवों से आए लोगों का हुजूम लगा रहा।
डोल ग्यारस के दूसरे दिन विमान निकालने की परंपरा है। रविवार शाम मदन मोहन सरकार, बालाजी सरकार, राधा बल्लभ, राधा रमण, राम जानकी और ध्रुवकुटी मंदिर से गाजे बाजे के साथ विमान विहार के लिए निकले। सभी विमान बालाजी मंदिर के पास एकत्रित हुए। इसके बाद सभी विमान एक साथ मानसरोवर पहुंचे। जहां सभी को विहार कराया गया और मंगल आरती हुई। इसके बाद सभी विमान नगर की परिक्रमा करते हुए देर रात मंदिरों पर वापस आए।
इस दौरान मंदिरों पर देर रात धार्मिक कार्यक्रम होते रहे। इस कार्य में नगर पंचायत अध्यक्ष पुनीत सिंह परिहार, हित प्रसाद दीक्षित, आनंद दीक्षित, संतोष उपाध्याय, अशोक नायक, सुरेश करन, प्रदीप गोस्वामी, रामनारायण पाठक आदि का सक्रिय योगदान रहा।
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भुचेरा और बनगुवाकलां में भी निकले भगवान के विमान
तालबेहट। डोल ग्यारस पर शनिवार को ग्राम भुचेरा और बनगुवाकलां में भगवान के विमान गाजे बाजे के साथ निकाले गए। ग्राम भुचेरा स्थित बिहारी जी के मंदिर से भगवान के विमान विहार के लिए तालाब पर पहुंचे, जहां परंपरागत तरीके से मंत्रों के मध्य भगवान का स्थान एवं विहार कराया गया। इसके बाद विमान गांव की परिक्रमा करते हुए देर रात मंदिर पर पहुंचे। ग्राम बनगुवा कलां मंदिर से भगवान के विमान विहार के लिए बेतवा नदी पर पहुंचे। इसके बाद विमान हनुमान मंदिर बजरंगगढ़ होते हुए पूरे गांव में घूमते हुए रात में मंदिर पहुंचे। नीरज पटैरिया, जीतू पांडेय, सतीश राजपूत, हरेंद्र राजपूत, राजीव आदि का सक्रिय सहयोग रहा। संवाद
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कांधे पर पालकी रखकर भक्तों ने कराया नगर भ्रमण
सौजना (ललितपुर)। ग्राम पंचायत गुढ़ा में राजाराम मंदिर व चतुर्भुज मंदिर से सजे-धजे विमानों में भगवान को विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। दोनों विमान प्राचीन शिव मंदिर के कुआं के पास पहुंचे, जहां भगवान को स्नान कराकर महाआरती की और प्रसाद वितरण कर भगवान को पुनः मंदिर में विराजमान कराया गया। संवाद
