अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। किसान उत्पादक संघ को बढ़ावा देने की परियोजना के तहत नाबार्ड द्वारा संरक्षित कठिया व्हीट बंगरा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रथम दलिया उत्पादन संयंत्र का शुभारंभ हुआ। इसमें रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि संयंत्र को और भी केंद्रों पर स्थापित कर इसे प्रसंस्करण उद्योग की ओर ले जाएं।
कुलपति ने कहा कि कठिया गेहूं के बीज उत्पादन और उत्पादकता और क्षेत्रफल को भी बढ़ाने की जरूरत है। विश्वविद्यालय ने पिछले साल भी 40 किसानों को अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के लिए उन्नत बीज प्रदान किए गए थे। एफपीओ चेयरमैन सियाराम ने बताया कि इस उत्पादन इकाई की क्षमता एक से डेढ़ क्विंटल किलोग्राम प्रतिघंटा है। कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक भूपेश पाल ने बताया कि इस एफपीओ को तकनीकी जानकारी और आर्थिक रूप से सहायता दी जा रही है। भविष्य में यह स्वावलंबन और निर्भरता की ओर बढ़ेगा।
इससे पहले कुलपति ने इस प्रसंस्करण इकाई में लगी मशीनों को देखा। प्रसंस्करण इकाई में रोस्टर, ब्लोअर, तौलने की मशीनें आदि हैं। इससे कठिया गेहूं को दलिया आदि के प्रसंस्कृत उत्पाद बनाया जा सकेगा। कठिया गेहूं को भौगोलिक संकेत भी प्राप्त हैं, जिससे इन उत्पादों के बाजार की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। इस दौरान डॉ. श्रीधर पाटिल, डॉ. संजीव कुमार, कंपनी के निदेशक कालका प्रसाद, सीईओ शिवम सिंह मौजूद रहे।
