Skill Development: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई को और अधिक प्रभावशाली और रोचक बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसका नाम है ‘लर्निंग बाई डूइंग’ यानी “सीखना करते हुए”। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि शिक्षक केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाना सीखें।
इस पहल के तहत राज्य सरकार अब शिक्षकों को भी तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रही है। इसमें विज्ञान और गणित के शिक्षक, तकनीकी अनुदेशक, डायट के मास्टर ट्रेनर, और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाएं शामिल हैं।
शिक्षकों को नए तरीके से पढ़ाने की मिलेगी ट्रेनिंग
यह प्रशिक्षण लखनऊ के उद्यमिता विकास संस्थान और दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस करना है, ताकि वे कक्षा में बच्चों को अधिक प्रभावी, सरल और रुचिकर तरीके से पढ़ा सकें।
यूनिसेफ और स्टार फोरम-विज्ञान आश्रम के तकनीकी सहयोग से संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अगस्त 2025 से शुरू होकर विभिन्न चरणों में 18 मार्च 2026 तक चलेगा। इसमें चार श्रेणियों के प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।