Letter related to the process of AMU VC Panel reached the Education Minister

एएमयू विश्वविद्यालय
– फोटो : संवाद

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एएमयू शिक्षक संघ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कुलपति पैनल प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करने का पत्र भेजा है। पत्र में नियमित कुलपति की तैनाती को लेकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दाखिल याचिका का भी संज्ञान लेने का अनुरोध किया गया है।  

अप्रैल 2023 में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने कार्यवाहक कुलपति पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। छह नवंबर 2023 को एएमयू कोर्ट सदस्यों ने कुलपति पैनल में शामिल पांच में से तीन लोगों को चुना था। कुलपति पद के उम्मीदवार प्रो. एमयू रब्बानी (पूर्व डीन, जेएन मेडिकल कॉलेज) को सर्वाधिक 61 मत मिले थे, जबकि प्रो. फैजान मुस्तफा (कुलपति, सीएनएल विवि, पटना) को 53 और प्रो. नईमा खातून ( प्राचार्या, महिला महाविद्यालय, एएमयू) को 50 मत मिले थे। 

शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है कि कुलपति पद की उम्मीदवार प्रो. नईमा खातून के पति कार्यवाहक कुलपति मोहम्मद गुलरेज ने न केवल कार्यकारी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की, बल्कि पैनल की चयन प्रक्रिया में कार्यकारी परिषद और एएमयू कोर्ट की बैठकों में मतदान भी किया। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय इलाहाबाद याचिका दाखिल की गई। अब इस मामले में 15 अप्रैल को सुनवाई होगी।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के सैयद अफजल मुर्तजा रिजवी ने एएमयू के कुलपति पैनल के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। कुलपति पैनल के मामले में 9 नवंबर को सुनवाई हुई। फिर सुनवाई 16 नवंबर को हुई थी। कार्यवाहक कुलपति पर सवाल खड़े करते हुए याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि जिस चयन में कार्यवाहक कुलपति शामिल हैं, उनकी पत्नी का दावेदारों की सूची में शामिल होना गलत है। 



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