उरई। एक मकान में भारी मात्रा में मिले पटाखा माचिस के साथ पुलिस ने बुधवार की रात को एक आरोपी पर कार्रवाई की है। आरोपी लाइसेंस धारक के साथ मिलकर तय से अधिक माल तैयार करते थे और उसको निर्माण स्थान से दूसरे जगहों पर एकत्र कर अन्य जिलों में भेजते थे। पटाखा बनाने का लाइसेंस चुर्खी थाना क्षेत्र में था, जबकि आरोपी भंडारण कालपी में कर रहा था।
चुर्खी थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह ने बताया कि आरोपी से जानकारी हुई कि कालपी कोतवाली क्षेत्र के सोहरापुर गांव में एक मकान में भारी मात्रा में पटाखा माचिस का भंडारण किया गया है। इस पर उन्होंने बुधवार रात टीम के साथ मकान में छापामारी की। इस दौरान टीम ने मकान में छिपाई गई 310 प्लास्टिक के पैकेट में एक लाख 48 हजार अवैध पटाखा माचिस बरामद की किया। उसकी कीमत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है।
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी शदरे आलम के पास से आतिशबाजी का कोई लाइसेंस नहीं मिला है। पूरी आतिशबाजी ग्राम सोहरापुर में हरी प्रसाद के मकान में रखी गई थी। शदरे आलम व बृजराज साथ में मिलकर आतिशबाजी बिक्री का काम दूसरे जनपदों में करते थे।
पुलिस की मानें तो हीरालाल के पास पटाखा बनाने का लाइसेंस है, लेकिन यह केवल सौ पैकेज ही माल तैयार कर बेच सकता है और जहां पर बारूद बनाई जा रही है, वहीं पर भंडारण कर सकता है। इधर, शदरे आलम क्षमता से अधिक माल तैयार कर उसे दूसरे जगहों पर भेजता था। इसके बाद त्योहार पर इसकी खपत जनपद के अलावा अन्य जिलों में भी की जाती थी। थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह ने बताया कि आने वाले त्योहार को लेकर वह सतर्क थे और जैसे ही उन्हें जानकारी मिली तो कार्रवाई की गई है।