संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

Updated Mon, 04 Nov 2024 11:14 PM IST

Licenses of two vendors suspended over black marketing of DAP



मैनपुरी। लगातार आदेशों के बाद भी उर्वरक विक्रेता डीएपी की कालाबाजारी कर रहे हैं। सोमवार को अलग-अलग शिकायतों पर जिला कृषि अधिकारी ने दो विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए। एक ने डीएम से तो वहीं दूसरे ने जिला कृषि अधिकारी से फोन कर शिकायत की थी। इसके बाद ये कार्रवाई की गई।

सोमवार को सुबह 11 बजे के करीब गांव औड़न्य मंडल निवासी राजेश सिंह चौहान ने डीएम को फोन कर शिकायत की। उन्होंने बताया कि वे नवीन मंडी स्थित मैनपुरी केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार मैनपुरी पर डीएपी लेने पहुंचे थे। लेकिन विक्रेता द्वारा उन्हें डीएपी नहीं दी जा रही थी। डीएम के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्यप्रताप सिंह ने प्रावधिक सहायक विपिन कुमार को मौके पर भेजा था। प्रावधिक सहायक ने अपनी रिपोर्ट में निर्धारित से अधिक कीमत पर उर्वरक का विक्रय करने की पुष्टि की। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने उपभोक्ता भंडार का लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही वरिष्ठ प्रावधिक सहायक गौरव शाक्य को स्टॉक डीएपी का वितरण कराने के आदेश दिए हैं।

वहीं गांव सुल्तानपुर पतारा निवासी कृष्ण कुमार सिंह चौहान ने जिला कृषि अधिकारी को फोन कर एक शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि गांव में संचालित प्रण खाद बीज एजेंसी पर डीएपी की अधिक कीमत वसूल की जा रही है। इसे भी गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया। दोनों विक्रेताओं को निलंबन आदेश जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा गया है।



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