– न्यायालय ने आठ साल पुराने मामले में फैसला सुनाया
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मां की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जमीन उसके नाम न करने पर बेटे ने मां की तलवार से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। न्यायालय ने आठ साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि मोंठ के ग्राम भरोसा निवासी पर्वत सिंह ने मोंठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि 24 जनवरी 2016 को उसे फोन पर सूचना मिली कि ग्राम रेव निवासी सास हरकुंवर की हत्या हो गई। ससुराल पहुंचने पर सास का शव रक्तरंजित अवस्था में चारपाई पर पड़ा था। पास में ही खून से सनी तलवार पड़ी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसमें सामने आया कि हरकुंवर के पति स्व. घमंडी अहिरवार के पास 22 बीघा जमीन थी। घमंडी की मौत के बाद इसमें से 11 बीघा जमीन हरकुंवर और 11 बीघा बेटे आनंद को मिल गई थी। लेकिन, बेटे आनंद ने जुए-शराब की लत में अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी। वह मां से और जमीन मांग रहा था। जबकि, मां उसे जमीन देना नहीं चाहती थी। मां ने बहू के नाम तीन बीघा जमीन कर दी थी। आनंद आए दिन मां और पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी बीच तलवार से उसने मां का गला काटकर हत्या कर दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्तिपुत्र तोमर की अदालत ने आनंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
