Lok sabha election 2024 Caste identity is at its peak in Purvanchal region Uttar Pradesh

Lok sabha election 2024
– फोटो : अमर उजाला

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यूपी में साहित्य और आंदोलनों की जननी कही जाने वाली पूर्वांचल की धरती पर ही अब चुनाव बचा है। यहां मंदिर, मजहब, आरक्षण, बेरोजगारी और महंगाई सरीखे मुद्दों की चर्चा तो है, पर हर तरफ जाति के समीकरण हावी दिख रहे हैं।

मतदाताओं पर जातीय अस्मिता का सवाल इतना छाया हुआ है कि उसके सामने दूसरे मुद्दे गौड़ हो गए हैं। छठवें चरण की 14 सीटों पर ऐसा ही नजारा दिखा। अब अंतिम चरण के लोकसभा क्षेत्रों में भी मतदाताओं के दिलो-दिमाग पर जाति ही सबसे ऊपर दिखाई दे रही है।

 

पूर्वांचल की 13 सीटों पर चुनाव

पूर्वांचल में कुल 27 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें से 14 पर 25 मई को मतदान हो चुका है। शेष 13 सीटों पर पहली जून को मतदाता अपना फैसला सुनाएंगे। कुर्मी समाज को भाजपा अपने साथ मानती रही है। पिछले चुनावों में यह समाज पार्टी के साथ दिखा भी।

इस चुनाव में पार्टी ने कई प्रत्याशी बदले, लेकिन इस समीकरण की ओर ध्यान नहीं दिया। देवीपाटन मंडल, बस्ती मंडल और अयोध्या मंडल में एक भी कुर्मी उम्मीदवार नहीं दिया। राज्य सरकार में भी इस समाज की हिस्सेदारी नहीं थी।



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