
अजय मिश्र टेनी, रेखा वर्मा
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इस बार लोकसभा चुनाव में खीरी और धौरहरा सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ है। जीत की हैट्रिक की उम्मीद रखने वाले दो बार के सांसद एवं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और दो बार की सांसद एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेख अरुण वर्मा का किला ढह गया। कांटे की टक्कर में अजय मिश्र टेनी 34329 और रेखा अरुण वर्मा 4449 वोटों से चुनाव हार गए। खीरी से गठबंधन प्रत्याशी उत्कर्ष वर्मा ने अजय मिश्र टेनी और धौरहरा सीट पर गठबंधन के ही आनंद सिंह भदौरिया ने रेखा अरुण वर्मा को हराया।
दोनों दिग्गजों की हार के पीछे समर्थक और लोग तमाम कयास लगा रहे हैं, लेकिन खीरी सीट पर तिकुनियां कांड का असर साफ दिखाई दिया है। इनके अलावा कई विधायकों के अंदरखाने चुनाव में खुलकर वोट न मांगने और सड़कें, छुट्टा पशुओं से निजात नहीं मिलने समेत अन्य प्रमुख मुद्दे भी कारण रहे हैं।
तिकुनियां कांड का माना जा रहा असर
इन सीटों पर दोनों दिग्गजों को हराने में बसपा ने भी अहम रोल निभाया है। तिकुनियां कांड के बाद से सिख समाज के लोगों में खासी नाराजगी मानी जा रही थी। इस नाराजगी को भुनाने के लिए बसपा ने युवा बिजनेसमैन अंशय कालरा को मैदान में उतारा और अंशय ने इस सीट पर 110460 यानी 9.8 प्रतिशत लोगों का समर्थन पाया है। इससे टेनी के वोट कम हुए। इसी तरह धौरहरा सीट पर बसपा ने सर्वाधिक नुकसान भाजपा को पहुंचाया है।
