
सिविल लाइंस में चाय पर चर्चा में शहर के लोग खुलकर बोले
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उत्तर प्रदेश के बरेली को प्राचीन नाथ मंदिरों से आच्छादित होने के कारण नाथ नगरी भी कहा जाता है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। भाजपा ने इस बार संतोष गंगवार का टिकट काटकर छत्रपाल सिंह गंगवार को प्रत्याशी बनाया है। वहीं सपा से पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन चुनाव लड़ रहे हैं। बसपा ने छोटेलाल गंगवार को टिकट दिया है।
बरेली के मतदाता और खासकर युवा सरकार और अपने लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के बारे में क्या सोचते हैं, उनके क्या मुद्दे और आकांक्षाएं हैं, मतदाताओं के मुद्दों पर नेताओं और उम्मीदवारों का क्या कहना है, वे किन मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरे हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ शनिवार को बरेली में पहुंचा है। सुबह चाय पर चर्चा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सिविल लाइंस में बिशप इंटर कॉलेज के सामने ओम टी स्टॉल पर चाय पर चर्चा के दौरान शहर के लोगों ने बेबाकी से अपनी राय रखी। किसी ने कानून व्यवस्था को बेहतर बताया तो किसी ने महंगी शिक्षा और रोजगार के मुद्दे के उठाया।
हनीफ ने रोजगार के मुद्दे को उठाया। कहा कि बरेली में रोजगार को लेकर कोई काम नहीं हुआ है। आदमी बेरोजगार रहेगा तो देश तरक्की नहीं कर सकता। राम या अल्लाह के नाम किसी का पेट नहीं भरता है। युवाओं को नौकरियां चाहिए, जो मिल नहीं रहीं।
