
इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र।
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सपा संग गठबंधन की घोषणा तथा इलाहाबाद संसदीय सीट मिलने के बाद कांग्रेस में चुनावी हलचल तेज होने के साथ तैयारी भी शुरू हो गई है। गठबंधन से टिकट के लिए कई नाम भी सामने आने लगे हैं। इनमें कई ऐसे चेहरे भी हैं जिन्होंने 2019 लोकसभा तथा महापौर का चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।
अंतिम समय तक सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर खींचतान चलती रही। इसके अलावा गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस की ओर से प्रयागराज की एक सीट के लिए दावेदारी की जा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी की स्थानीय इकाई की ओर से इलाहाबाद और फूलपुर सीट के लिए मजबूत दावेदारों के नाम भी भेज दिए गए थे।
अब गठबंधन की घोषणा तथा सीट को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होने के बाद टिकट के दावेदारों की ओर से घेराबंदी भी शुरू हो गई है। इसके तहत जातिगत समीकरण को अपने पक्ष में बताने के साथ कई अन्य तरह के दावे भी किए जा रहे हैं। इलाहाबाद संसदीय सीट पर अभी तक अगणी जाति के नेताओं ने ही जीत हासिल की है।
ऐसे में कांग्रेस की ओर से कई नामों की चर्चा हैं। इसमें इलाहाबाद सीट से सांसद रहे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और उनके पुत्र आदर्श शास्त्री का नाम भी शामिल है। हालांकि अनिल शास्त्री पूर्व में चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं, लेकिन पिछले दिनों राहुल गांधी की अगुवाई में प्रयागराज आई भारत जोड़ो न्याय यात्रा में अनिल और आदर्श शास्त्री शामिल हुए थे। ऐसे में इस चर्चा को और बल मिल रहा है।
