
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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इंडी गठबंधन ने छठवें व सातवें चरण की 27 सीटों के लिए नई रणनीति अपनाई है। सपा की ओर से बनाई गई इस रणनीति में अब कांग्रेस की टीम भी शामिल हो गई है। इसके तहत गठबंधन ने पिछले चुनावों में कम वोट वाले बूथों पर फोकस किया है। इन बूथों की जिम्मेदारी फ्रंटल संगठनों को सौंपा गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे 160 बूथ चिह्नित किए गए हैं। एक संगठन को 40 बूथ का प्रबंधन सौंपा गया है।
समाजवादी पार्टी ने लोहिया वाहिनी, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड, युवजन सभा और छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को चिह्नित बूथों को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी की जिला कमेटी की ओर से तय की गई बूथ कमेटी पहले की तरह कार्य कर रही है। जबकि फ्रंटल संगठन के पदाधिकारियों ने चिह्नित बूथ पर नए लोगों को जोड़ते हुए बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल ली है। इस रणनीति के जरिये पार्टी अपना वोटबैंक बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।
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सपा के साथ जुटी है कांग्रेस
गठबंधन के तहत कांग्रेस को 17 और एकमात्र भदोही सीट तृणमूल कांग्रेस को मिली है। जिन 27 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें पांच सीटें कांग्रेस के पास हैं। इन सभी सीटों पर सपा के फ्रंटल संगठन कार्य कर रहे हैं। अमेठी और रायबरेली का चुनाव होने के बाद कांग्रेस के नेता भी सपा की ओर से बनाई गई रणनीति में सहभागी हो गए हैं। सपा के फ्रंटल संगठनों के साथ ही सहयोगी के रूप में युवक कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, सेवादल सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों को भी शामिल कर लिया गया है।
क्या होगा फायदा
चिह्नित बूथ सबसे कम वोट देने वाले हैं। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि जिस बूथ पर पार्टी को पिछले चुनाव में 10 वोट मिला है, उस पर फ्रंटल संगठन के पदाधिकारी कम से कम दो से पांच लोगों को जोड़ेंगे। पार्टी से जुड़ने वाले एक तरफ अपने परिवार का वोट दिलाएंगे, दूसरी तरफ संबंधित बूथ पर किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं होने देंगे। इस तरह दोहरा फायदा होगा।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष हिंदवी ने कहा कि जिन सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी हैं, उन पर ज्यादातर पदाधिकारी बूथ की जिम्मेदारी संभाल लिए हैं, लेकिन अन्य सीटों पर सपा की टीम के साथ समन्वय रखते हुए कार्य किया जा रहा है। कम वोट वाले चिह्नित बूथ पर पूरा फोकस किया गया है।
मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीस राजा ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारी हर विधानसभा क्षेत्र में 40-40 बूथ पर काम कर रहे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। अब पूर्वांचल में भी इसी रणनीति से भाजपा को मात देने की तैयारी है।
लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष रामकरन निर्मल ने कहा कि चिह्नित किए गए बूथों से जुड़े परिवारों से संपर्क किया गया। अलग-अलग बिरादरी के तमाम युवा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से प्रभावित हैं और पार्टी से जुड़ रहे हैं।
युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि ने कहा कि चुनौतिपूर्ण बूथ पर युवाओं की टीम तैयार है। तमाम युवाओं को जोड़ा गया है। जहां चुनाव हो गए हैं, वहां भी इस रणनीति के सकारात्मक नतीजे आए हैं।
छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने कहा कि चिह्नित बूथों पर कई स्थानों पर पार्टी समर्थक वोट नहीं डाल पा रहे हैं। अब युवाओं की टीम तैयार है। किसी तरह की धांधली नहीं होने दी जाएगी।
