खाद्य विभाग के अफसर लगातार पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं लेकिन, महानगर में आवश्यकता के मुताबिक गैस न होने से लोग परेशान हैं। इसके लिए लोगों को जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। कई एजेंसियों में ताला बंद मिला। जेल चौराहे के पास स्थित रामराजा गैस एजेंसी में शुक्रवार को तालाबंदी कर दी गई। दिन भर उपभोक्ता यहां आते रहे लेकिन, निराश होकर उनको लौटना पड़ा। उपभोक्ताओं की शिकायत थी जानकारी देने के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं था। बाहर जो सूचना चस्पा थी, उसमें एजेंसी के बंद रहने की सूचना दी गई थी। उपभोक्ता अभिषेक ने बताया कि एजेंसी पर कोई किसी तरह की जानकारी नहीं दे पा रहा है वहीं, उपभोक्ता पंचलाल ने बताया कि वह 2 दिन से नंबर लगाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नहीं लग रहा। न ही कोई फोन उठा रहा है।

इस मामले में जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि जनपद में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। बुकिंग भी हो रही है। उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो, रसोई गैस का वितरण ठीक ढंग से हो, इसके लिए निरीक्षण के लिए टीमें बनाई गई हैं। टीम लगातार काम कर रहीं हैं।

चूल्हे में पकाना पड़ा मिड डे मील

मिड डे मील पकाने में भी चूल्हे का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय चमरौआ के प्रधानाध्यापक केके तिवारी ने बताया कि स्कूल में पिछले 15 दिन से गैस सिलिंडर नहीं है। बच्चों को चूल्हे पर भोजन पका कर खिलाना पड़ रहा है।

कालाबाजारी करने वालों पर करेंगे कार्रवाई: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने दावा करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर कोई समस्या या रुकावट नहीं है। गैस सिलिंडर की आपूर्ति 25 दिन के बाद डीएसी के माध्यम से की जा रही है। ताकि आपूर्ति वास्तविक उपभोक्ताओं को हो सके। कालाबाजारी को रोका जा सके। उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रख रहे हैं। कार्यकारी मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी व पूर्ति निरीक्षक भी निरंतर भ्रमणशील रहकर निगरानी रख रहे हैं। कालाबाजारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी पर अनावश्यक भीड़-भीड़ न हो, इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस को भी किया गया अलर्ट: एसएसपी

एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि गैस सिलिंडर वितरण में कोई गड़बड़ी न हो, इसको देखते हुए पुलिस बल को भी अलर्ट किया गया है। क्षेत्राधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। कहीं से कोई गड़बड़ी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत पहुंचेगी। गैस एजेंसी के आसपास भी सतर्कता रखी जा रही है।

रेलवे स्टेशन पर भी जन आहार बनने पर गहराया संकट

व्यावसायिक सिलिंडर की कमी से रेल यात्रियों को भी जन आहार से वंचित होना पड़ सकता है। फूड प्लाजा में भी अब सिलिंडर का स्टॉक नहीं बचा। इसका असर रेलवे खान-पान व्यवस्था पर पड़ने लगा है। ऑपरेटरों का कहना है कि सिलिंडर न मिलने पर काम बंद करना पड़ेगा। उनका कहना है कि अभी तक किसी तरह सिलिंडर की व्यवस्था की गई लेकिन, इसकी किल्लत अभी तक बनी हुई है। यात्रियों की संख्या अधिक होने से इंडक्शन भी काम नहीं कर रहा है। इलेक्टि्रक क्वाइल का बिल अधिक आने से यह भी उपयोगी नहीं है। ऐसे में सिलिंडर न मिलने पर खाना-पान व्यवस्था ठप पड़ सकती है।

एजेंसी के बाहर खड़े लोग, समस्या के बारे में बताते हुए…



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