ईरान-इस्राइल युद्ध की तपिश अब रसोई घर तक पहुंच गई है। एलपीजी गैस का भारी संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ बुकिंग सर्वर ठप होने से उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सप्लाई चेन बाधित होने से डिलीवरी रुक गई है। हालात यह हैं कि रेस्तरां संचालकों ने काम बंद करने की चेतावनी दी है, तो आम जनता एक-एक सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रही है।
25 दिन पहुंची बुकिंग की मियाद
आगरा संभाग एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल पुरोहित के अनुसार, तकनीकी कारणों और दबाव की वजह से बुकिंग का वेटिंग पीरियड बढ़कर 25 दिन तक पहुंच गया है। वर्तमान में बुकिंग सॉफ्टवेयर का सर्वर अत्यधिक लोड के कारण काम नहीं कर रहा है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि डिलीवरी की समस्या व्यापक नहीं है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
925 का सिलेंडर 1500 रुपये में बिक रहा
गैस की किल्लत होते ही शहर में कालाबाजारी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। निर्धारित दरों और ब्लैक मार्केट की कीमतों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। मारुति प्रवासम निवासी मनोज कुमार ने बताया कि गोदामों के हॉकर ब्लैक में सिलिंडर बेच रहे हैं।
प्रशासन सख्त, जांच टीमें गठित
गैस की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी की शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने स्पष्ट किया है कि संकट की घड़ी में जनता को लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए विशेष जांच टीमें गठित कर दी गई हैं, जो गैस एजेंसियों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करेंगी।
सिलेंडर का प्रकार निर्धारित सरकारी दर ब्लैक में वसूली जा रही कीमत
घरेलू सिलेंडर ₹925.50 ₹1400 – ₹1500
कमर्शियल सिलेंडर ₹1923.50 ₹2500 तक
आंकड़ों में गैस का गणित
कुल उपभोक्ता: 11 लाख से अधिक।
गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स: 60 से ज्यादा।
दैनिक खपत: करीब 400 टन (आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद)।
