धर्मांतरण के मामले में शुक्रवार को केजीएमयू में हुए विवाद के बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई के बारे में सीएम को जानकारी दी। केजीएमयू परिसर में हुए विवाद और वहां के प्रशासन के रवैया के बारे में भी बताया।

बता दें कि अपर्णा यादव ने शुक्रवार को केजीएमयू में प्रेसवार्ता में कहीं। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने बताया कि वह केजीएमयू कुलपति सोनिया नित्यानंद से मुलकात कर प्रेसवार्ता करने आई थीं, लेकिन वीसी ने मुलाकात से इनकार कर दिया।

केजीएमयू प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है। उन्हें बचाने का काम कर रहा है। शुरुआत से ही मामले में लापरवाही करते आया है। जब भी को पीड़िता आयोग में न्याय की उम्मीद से जाती है तो उसे धमकाया जाता है। महिलाओं के साथ यह अन्याय नहीं सहा जाएगा।

पीड़िता ने पहले केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की थी

अर्पणा यादव ने कहा कि पीड़िता ने पहले केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उसने आयोग का दरवाजा खटखटाया। इससे पहले भी यौन उत्पीड़न मामले में दिसंबर में एक महिला प्रोफेसर ने आयोग का सहारा लिया न्याय के लिए। पिछले छह महीने से महिला प्रोफेसर को प्रताड़ित किया जा रहा था।

पिछले कुछ महीनों में यौन उत्पीड़न के कई मामले आ चुके हैं।  पीड़िताओं को केजीएमयू की ओर से धमकाया जाता है कि आयोग क्यों गईं। क्यों पीड़िताओं को आयोग आने से रोका जाता है। ऐसे कई सवाल उन्होंने कुलपति से पूछे। उन्होंने बताया कि कुलपति और प्रशासन के किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति उनसे मुलाकात नहीं की।



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